
भागलपुर: कोविड-19 महामारी के दौरान स्थापित किए गए सरकारी अस्पतालों के ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांटों की कार्यक्षमता और आपातकालीन तैयारियों का आकलन करने के लिए भागलपुर जिले में 13 से 16 जुलाई के बीच विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न अस्पतालों में संचालित ऑक्सीजन प्लांटों की तकनीकी स्थिति, संचालन क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था की गहन जांच की जाएगी।
जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर यह मॉक ड्रिल मायागंज अस्पताल, सदर अस्पताल तथा अनुमंडलीय अस्पतालों में आयोजित होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में ऑक्सीजन उत्पादन और आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोविड काल में मायागंज अस्पताल, सदर अस्पताल, नवगछिया और कहलगांव अनुमंडलीय अस्पतालों में अलग-अलग क्षमता के ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित किए गए थे। अब इनकी वर्तमान स्थिति और उपयोगिता का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तुरंत संचालन में लाया जा सके।
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम मणिभूषण झा ने बताया कि 13 से 16 जुलाई तक होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान प्लांटों के संचालन, गैस उत्पादन क्षमता, पाइपलाइन नेटवर्क, सुरक्षा मानकों और तकनीकी संसाधनों की जांच की जाएगी। संबंधित अस्पतालों को पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मायागंज अस्पताल के ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट के प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल परिसर में कुल तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं। इनमें से कुछ प्लांट लंबे समय से नियमित संचालन में नहीं हैं, इसलिए उनकी तकनीकी जांच और कार्यक्षमता का परीक्षण भी मॉक ड्रिल के दौरान किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नियमित मॉक ड्रिल से उपकरणों की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और किसी भी तकनीकी कमी को समय रहते दूर किया जा सकता है। इससे भविष्य में किसी आपातकालीन स्थिति के दौरान मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल की रिपोर्ट तैयार कर राज्य स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी। यदि किसी अस्पताल में तकनीकी खामी या रखरखाव संबंधी समस्या सामने आती है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले के सभी सरकारी अस्पताल आपात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।


