​नया टोला में मिल रोड पर मिला युवक का क्षत-विक्षत शव: सिर पर वार कर हत्या की आशंका, भाई ने लगाया जमीन विवाद का आरोप

नवगछिया, 16 मई 2026। पुलिस जिला नवगछिया के शहरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के दावों के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नवगछिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया टोला शंकर टॉकीज के समीप, नया टोला से मिल टोला जाने वाली मुख्य संपर्क सड़क पर शुक्रवार की सुबह एक अज्ञात युवक का लहूलुहान शव बरामद होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह-सुबह टहलने निकले स्थानीय लोगों ने जब सड़क के किनारे शव को देखा, तो इसकी भयावहता देखकर लोग सिहर उठे। मृतक के सिर पर किसी भारी और धारदार वस्तु से बर्बरतापूर्वक प्रहार किया गया था, जिससे घटनास्थल पर चारों ओर खून फैला हुआ था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों द्वारा तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इस घटना के बाद से नया टोला और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर आम लोगों के बीच गहरी चिंता और रोष देखा जा रहा है। पुलिस ने शुरुआती विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है।

सुबह की खामोशी में फूटा जन-आक्रोश, वेंटिलेशन और सड़क पर पसरा सन्नाटा

​वारदात की क्रोनोलॉजी को देखें तो शुक्रवार की सुबह जब नया टोला मिल रोड पर चहल-पहल शुरू ही हुई थी, तभी सड़क के किनारे एक युवक को अचेत और रक्तरंजित स्थिति में देखा गया। शव को देखते ही वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने इसकी विधिक सूचना नवगछिया राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दी, क्योंकि घटनास्थल रेलवे प्रक्षेत्र के काफी करीब था। नवगछिया जीआरपी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और क्षेत्राधिकार का मामला होने के कारण तुरंत इसकी आधिकारिक जानकारी नवगछिया प्रादेशिक थाना पुलिस को प्रेषित की।

​सूचना प्राप्त होते ही नवगछिया थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर रवि शंकर अपने सशस्त्र पुलिस बल के जवानों और आवश्यक उपकरणों के साथ बिना कोई समय गंवाए मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल की घेराबंदी की ताकि वहां मौजूद साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। थाना अध्यक्ष रवि शंकर ने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से शव को जमीन से उठवाया और उसे तुरंत कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस की इस त्वरित सक्रियता के कारण सड़क पर लगने वाले संभावित जाम और हंगामे की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।

दस्तावेजों से हुई सहोरी के नवीन कुमार सिंह की पहचान, सिर पर थे गहरे जख्म

​अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की मौजूदगी में जब पुलिस ने मृतक के कपड़ों और उसकी जेब की तलाशी ली, तो उसके पास से कुछ महत्वपूर्ण विधिक कागजात, परिचय पत्र और दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पुख्ता पहचान सहोरी गांव के रहने वाले 40 वर्षीय नवीन कुमार सिंह के रूप में की गई, जो महेश्वर सिंह के पुत्र थे। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने तुरंत सहोरी गांव में उनके परिजनों को इस अप्रत्याशित और दुखद घटना की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

​शव के भौतिक निरीक्षण के दौरान जो विधिक तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद खौफनाक हैं। नवीन कुमार सिंह के सिर के पिछले और ऊपरी हिस्से पर किसी बेहद भारी लोहे की रॉड, गड़ासे या लोहे के नुकीले टुकड़े से कई बार प्रहार किया गया था। चोट इतनी गंभीर और प्राणघातक थी कि खोपड़ी की हड्डी कई जगहों से टूट चुकी थी और सिर के भीतर का मांस व मज्जा बाहर निकल आया था। अत्यधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण संभवतः घटनास्थल पर ही कुछ मिनटों के भीतर उनकी मौत हो गई होगी। नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार ने इस संदर्भ में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि मृतक नवीन कुमार सिंह पेशे से एक पेशेवर चालक (ड्राइवर) था और वाहनों का परिचालन कर अपने परिवार की आजीविका चलाता था।

भाई श्रवण सिंह का गंभीर दावा: जमीन की पुरानी रंजिश में लोहे की रॉड से पीटा और मारी गोली

​नवीन कुमार सिंह की मौत की खबर मिलते ही अनुमंडल अस्पताल पहुंचे उनके सगे भाई श्रवण सिंह ने स्थानीय पुलिस और मीडिया के सामने रो-रोकर कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। श्रवण सिंह ने सीधे तौर पर इस पूरी घटना को एक सोची-समझी और सुनियोजित राजनैतिक व पारिवारिक हत्या करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार का पिछले काफी समय से कुछ दबंग और रसूखदार लोगों के साथ भूमि का विधिक विवाद (लैंड डिस्प्यूट) चल रहा है। इसी जमीन की रंजिश और विवाद के कारण उनके भाई को घेरकर मौत के घाट उतारा गया है।

​श्रवण सिंह का दावा है कि उनके भाई को केवल लोहे की रॉड से मारकर ही नहीं छोड़ा गया, बल्कि अपराधियों ने अपनी विधिक क्रूरता की सीमा पार करते हुए सिर में बहुत करीब से गोली भी मारी है, ताकि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को बताया कि यह उनके परिवार पर पहला हमला नहीं है; इससे पूर्व भी दोनों भाइयों पर जानलेवा हमले किए जा चुके थे, जिसमें वे दोनों किसी तरह बाल-बाल बचे थे। भूमि विवाद को लेकर विपक्षियों द्वारा कई बार सरेआम दोनों भाइयों को जान से मारने और अंजाम भुगतने की विधिक धमकियां दी गई थीं, जिसकी शिकायत पूर्व में भी स्थानीय स्तर पर की गई थी। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने उन धमकियों को गंभीरता से लिया होता, तो आज नवीन कुमार सिंह जीवित होते।

फॉरेंसिक टीम की एंट्री और हत्या बनाम दुर्घटना के तर्कों पर उलझा अनुसंधान

​इस संवेदनशील मामले की गुत्थी को सुलझाने और परिजनों के आरोपों की सत्यता को परखने के लिए नवगछिया पुलिस जिला प्रशासन ने आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। नवगछिया एसपी राजेश कुमार ने बताया कि मामला चूंकि काफी गंभीर है और इसमें भूमि विवाद का कोण सामने आ रहा है, इसलिए मुख्यालय के निर्देश पर भागलपुर से एक विशेष फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की तकनीकी टीम को तुरंत नवगछिया बुलाया गया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने नया टोला मिल रोड स्थित उस सड़क का बारीकी से निरीक्षण किया है जहाँ शव मिला था। टीम ने सड़क पर बिखरे खून के नमूने, मिट्टी, टायरों के निशान और आसपास की झाड़ियों से संभावित फिंगरप्रिंट्स एकत्र किए हैं।

​पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के अनुसार, वर्तमान समय में अनुसंधान के स्तर पर पुलिस दो मुख्य पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। पहला पहलू परिजनों का है, जो इसे शुद्ध रूप से आर्म्स एक्ट और हत्या का मामला बता रहे हैं। दूसरा तकनीकी पहलू यह भी हो सकता है कि रात के अंधेरे में किसी अज्ञात भारी वाहन (जैसे ट्रक या ट्रैक्टर) ने युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी हो और वाहन के किसी लोहे के हिस्से से सिर पर रगड़ लगने के कारण यह गहरा जख्म हुआ हो। पुलिस दोनों ही संभावनाओं को बराबर तवज्जो दे रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से अभी तक थानों में कोई लिखित आवेदन या नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं कराई गई है। परिजनों द्वारा लिखित शिकायत मिलने और अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टरों के पैनल द्वारा दी जाने वाली विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही घाव की वास्तविक प्रकृति (गोली का निशान या रॉड का वार) विधिक रूप से स्पष्ट हो सकेगी, जिसके आधार पर केस की धाराएं तय की जाएंगी।

सहोरी गांव में पुलिस बल की तैनाती, संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी जारी

​नवीन कुमार सिंह की इस संदिग्ध और वीभत्स मौत के बाद उनके पैतृक गांव सहोरी में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भूमि विवाद से जुड़े होने के कारण गांव के भीतर दो पक्षों के बीच किसी भी प्रकार की संभावित हिंसक झड़प या प्रतिशोध की कार्रवाई को रोकने के लिए नवगछिया जिला मुख्यालय द्वारा अतिरिक्त पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति सहोरी गांव में कर दी गई है। स्थानीय सर्किल इंस्पेक्टर और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

​दूसरी तरफ, नवगछिया थाना अध्यक्ष रवि शंकर के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष खोजी टीम ने मृतक के भाई श्रवण सिंह द्वारा मौखिक रूप से बताए गए संदेहास्पद व्यक्तियों और भूमि विवाद से जुड़े विपक्षियों के घरों और संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस कस्टडी में लेकर कुछ लोगों से पूछताछ की भी विधिक प्रक्रिया चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गुरुवार की रात नवीन कुमार सिंह अंतिम बार किसके साथ देखे गए थे और वे सहोरी से नया टोला मिल रोड किस प्रयोजन से आए थे। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे विभिन्न निजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है ताकि रात के समय उस मार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की पहचान विधिक साक्ष्य के रूप में स्थापित की जा सके।

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