
भागलपुर में लंबित मामलों और छोटे विवादों के त्वरित समाधान को लेकर 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर व्यवहार न्यायालय भागलपुर सहित नवगछिया और कहलगांव में भी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रंजीता कुमारी ने प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी।
भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि इस बार लोक अदालत को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं ताकि अधिक से अधिक मामलों का त्वरित और सरल तरीके से निपटारा हो सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को आसान, सुलभ और कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराना है। छोटे-छोटे मामलों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर निपटाकर अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
रंजीता कुमारी ने जानकारी दी कि इस बार भागलपुर में कुल 22 बेंच, नवगछिया में 7 और कहलगांव में 2 बेंच गठित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बेंच भी बढ़ाई जा सकती हैं ताकि मामलों के निष्पादन में किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि भागलपुर में गठित 22 बेंचों में से 5 बेंच विशेष रूप से ट्रैफिक चालान मामलों के निपटारे के लिए बनाई गई हैं। ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की संख्या अधिक होने के कारण इस बार विशेष व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक चालान मामलों के लिए जिला स्कूल परिसर में अलग से व्यवस्था की गई है। वहां ट्रैफिक विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि मौके पर ही अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों में लोगों को राहत देने और लंबित विवादों को कम करने के उद्देश्य से इस बार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल ट्रैफिक चालान ही नहीं, बल्कि बिजली बिल, बैंक ऋण, बीमा, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, दुर्घटना दावा और अन्य समझौता योग्य मामलों का भी निपटारा किया जाएगा।
रंजीता कुमारी ने कहा कि जिन मामलों में दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं, उनके लिए लोक अदालत सबसे बेहतर मंच है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा तेजी से होता है और इसके फैसले को अदालत की डिक्री की तरह मान्यता प्राप्त होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलती है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनका मामला लोक अदालत के दायरे में आता है, वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि अदालतों में वर्षों तक लंबित रहने वाले कई मामलों का समाधान लोक अदालत के जरिए कुछ ही घंटों में संभव हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार समेत देशभर में राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को तेज और सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार छोटे विवादों और आर्थिक मामलों के त्वरित समाधान से अदालतों का बोझ कम होता है और लोगों को भी जल्दी न्याय मिल पाता है।
भागलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने बताया कि इस बार लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है।
कोर्ट परिसर के साथ-साथ जिला स्कूल में भी पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ट्रैफिक चालान मामलों को लेकर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में लंबित ट्रैफिक चालान मामलों के निपटारे की उम्मीद की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लोक अदालत के जरिए इन मामलों का समाधान आम लोगों और प्रशासन दोनों के लिए राहत भरा कदम हो सकता है।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि लोक अदालत में आने वाले लोगों को जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आने की सलाह दी गई है ताकि मामलों का त्वरित निपटारा किया जा सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लोगों से कहा है कि वे अपने मामलों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें और निर्धारित समय पर उपस्थित हों।
अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल न्यायिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और समझौते की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है।
विशेषज्ञों के अनुसार बैंक ऋण, बिजली बिल और पारिवारिक विवाद जैसे मामलों में लोक अदालत काफी प्रभावी साबित हो रही है क्योंकि यहां समझौते के आधार पर समाधान निकाला जाता है।
भागलपुर में इस बार बड़ी संख्या में मामलों के निष्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय का लाभ मिल सके।
रंजीता कुमारी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार लगातार लोगों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाने और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को जनसुलभ बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण पहल है और लोगों को इसका लाभ जरूर उठाना चाहिए।
भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कितने मामलों का मौके पर समाधान हो पाता है और लोगों को कितनी राहत मिलती है।


