भागलपुर, 20 जुलाई 2025: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसका व्यापक असर भागलपुर में दिखाई दे रहा है। शहर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आमजन के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था को भी पूरी तरह प्रभावित किया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि नाथनगर थाना पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
थानाध्यक्ष कक्ष से लेकर हाजत तक पानी ही पानी
नाथनगर थाना परिसर में रविवार तड़के से पानी भरना शुरू हुआ, जो सुबह तक तीन फीट तक पहुंच गया। थानाध्यक्ष कार्यालय, हाजत, कंप्यूटर कक्ष सहित पूरा थाना परिसर पानी में डूब गया। पुलिसकर्मी कुर्सियों पर पैर चढ़ाकर काम करने को मजबूर हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति थाना हाजत में बंद एक कुख्यात अपराधी की रही, जिसे करीब पांच घंटे तक गंदे पानी में खड़ा रहना पड़ा। बाद में पानी निकलने पर सफाई कर आरोपी को दोबारा हाजत में रखा गया।
कंप्यूटर रूम और दस्तावेजों को भारी नुकसान
पानी भरने से कंप्यूटर कक्ष में रखे दस्तावेज और कई जरूरी उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाने में रखे कई दस्तावेज गीले हो चुके हैं और कंप्यूटर प्रणाली पूरी तरह ठप हो गई है।
हर मानसून में दोहराई जाती है यही त्रासदी
स्थानीय पुलिसकर्मियों ने बताया कि यह स्थिति कोई नई नहीं है। हर साल मानसून के समय यही हालात होते हैं। थाना परिसर और बैरकों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है, जिससे कामकाज ठप हो जाता है। बदबूदार नाले का पानी स्थितियों को और भी मुश्किल बना देता है।
38 साल पुराना, जर्जर थाना भवन
नाथनगर थाना का भवन वर्ष 1987 में बना था और 1990 से यहां पुलिस कार्य कर रही है। अब यह भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। थाने के छज्जे और गिट्टियां कई बार गिर चुकी हैं, जिससे पुलिसकर्मी हर समय भय के माहौल में काम करते हैं। कई पुलिसकर्मियों ने इसे “डर के बीच ड्यूटी” बताया है।
नगर निगम की लापरवाही से हर साल दोहराई जाती है स्थिति
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नालों की समय से सफाई नहीं होने से हर साल बारिश में थाना परिसर जलमग्न हो जाता है। पिछले साल भी इसी कारण दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण खराब हो चुके थे, बावजूद इसके कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।


