​भागलपुर: शादी का झांसा देकर युवती को भगा ले जाने का आरोप

भागलपुर। बिहार के रेशम नगरी भागलपुर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों में सामाजिक ताने-बाने को झकझोरने वाली घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक 19 वर्षीय युवती को प्रेम जाल में फंसाकर और शादी का झांसा देकर भगा ले जाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। इस घटना ने गांव के भीतर न केवल राजनैतिक और सामाजिक चर्चाओं को जन्म दिया है, बल्कि दो परिवारों के बीच कटुता और तनाव को भी चरम पर पहुँचा दिया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी युवक पिछले काफी समय से उनकी बेटी को अपनी मीठी बातों में उलझाकर उसका शोषण कर रहा था और अंततः उसे अपने साथ लेकर फरार हो गया। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्राधिकार को लेकर भी पीड़ित परिवार ने नाराजगी जताई है, जिसके बाद मामला अब महिला थाने की दहलीज तक पहुँच गया है। 14 अप्रैल की रात हुई यह वारदात अब इलाके में सुरक्षा और मर्यादा के सवालों के बीच सुलग रही है।

14 अप्रैल की काली रात: जब घर की दहलीज लांघ गई युवती

​घटना के संदर्भ में पीड़ित पिता द्वारा मधुसूदनपुर थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, उनकी 19 वर्षीय पुत्री बीते 14 अप्रैल 2026 की रात से अचानक घर से लापता हो गई। परिवार के सदस्य उस रात रोज की तरह सोए थे, लेकिन आधी रात के बाद जब किसी सदस्य की आँख खुली, तो युवती अपने बिस्तर पर नहीं थी। शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि वह आसपास ही कहीं होगी, लेकिन घंटों की तलाश और जान-पहचान वालों के यहाँ पूछताछ करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।

​अगले दिन यानी 15 अप्रैल को पीड़ित परिवार को गांव के ही कुछ लोगों के माध्यम से यह जानकारी मिली कि उनकी बेटी को गांव का ही एक युवक, जो पहले से ही उस पर नजर रखता था, अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया है। यह खबर मिलते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को सोची-समझी साजिश के तहत घर से निकाला गया है। गांव के भीतर इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज है कि दोनों के बीच पिछले कुछ समय से संपर्क था, जिसकी भनक परिवार को नहीं लग सकी थी।

संगीन आरोप: शादी का झांसा और शारीरिक शोषण का खेल

​पीड़ित पिता ने अपने आवेदन में केवल भगाने का ही जिक्र नहीं किया है, बल्कि आरोपी युवक की मंशा और उसके पुराने कृत्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि आरोपी युवक पिछले काफी समय से उनकी बेटी को शादी का वादा कर अपने जाल में फंसाए हुए था। इस वादे की आड़ में वह युवती के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।

​कानूनी जानकारों के अनुसार, बालिग होने के बावजूद यदि सहमति ‘शादी के झूठे वादे’ पर आधारित है, तो यह मामला दुष्कर्म और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत आ सकता है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी सरल स्वभाव की है और आरोपी की चालाकी को समझ नहीं सकी। वह उसे अपना भविष्य मान बैठी थी, जबकि आरोपी का मकसद केवल उसे घर से निकालना और उसका शोषण करना था। अब जब युवती घर से दूर है, तो परिवार को उसकी सुरक्षा और जान-माल की भारी चिंता सता रही है।

घर पहुँचने पर मिली गालियां: दो परिवारों में बढ़ता टकराव

​बेटी के लापता होने और आरोपी के साथ जाने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, पीड़ित पिता अपनी व्यथा लेकर आरोपी युवक के घर पहुँचे। उन्होंने उम्मीद की थी कि युवक के माता-पिता इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे और उनकी बेटी को वापस लाने में मदद करेंगे। लेकिन वहां का नजारा बिल्कुल विपरीत था। आरोप है कि जैसे ही पीड़ित परिवार ने शिकायत शुरू की, आरोपी के परिजनों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

​पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी के घर वालों ने न केवल अपनी गलती मानने से इनकार किया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया। इस अपमान ने पीड़ित परिवार को कानून की शरण लेने पर मजबूर कर दिया। आरोपी के परिजनों का यह अड़ियल रुख यह संकेत देता है कि उन्हें या तो अपने बेटे के ठिकाने का पता है या फिर वे इस कृत्य में उसका मौन समर्थन कर रहे हैं। इस विवाद के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिसिया कार्रवाई और क्षेत्राधिकार की उलझन

​इस मामले में मधुसूदनपुर पुलिस की भूमिका को लेकर भी प्रारंभिक तौर पर पीड़ित परिवार असमंजस में रहा। मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार उनके पास आवेदन लेकर आया था, लेकिन मामला महिला सुरक्षा और यौन शोषण के आरोपों से जुड़ा होने के कारण उन्हें महिला थाने जाने की सलाह दी गई। संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि चूंकि आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने जैसे गम्भीर आरोप हैं, इसलिए महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज होना अधिक उपयुक्त है।

​वर्तमान स्थिति यह है कि पीड़ित परिवार भागलपुर स्थित महिला थाना पहुँच गया है, जहाँ वे अपनी शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में हैं। मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही महिला थाने से उन्हें आधिकारिक सूचना या प्राथमिकी की प्रति प्राप्त होगी, वे आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी के लिए स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में युवती के मोबाइल लोकेशन और आरोपी के संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं।

शादी का झांसा और कानून: क्या कहती है कानूनी प्रक्रिया?

​भागलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि ऐसे मामलों में जहाँ युवती बालिग (19 वर्ष) है, वहां पुलिस को ‘सहमति’ और ‘धोखाधड़ी’ के बीच के महीन अंतर को समझना होता है। यदि युवती ने यह बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई है, तो मामला कमजोर पड़ सकता है। लेकिन, यदि यह साबित हो जाता है कि आरोपी ने शादी का ऐसा वादा किया था जिसे पूरा करने की उसकी कभी मंशा ही नहीं थी, तो यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत दंडनीय अपराध बन जाता है।

​परिजनों द्वारा लगाए गए ‘लगातार शारीरिक संबंध’ के आरोप इस मामले को और भी गंभीर बना देते हैं। महिला थाने में पीड़िता का बयान दर्ज होना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती युवती को सुरक्षित बरामद करना है ताकि उसका बयान दर्ज कराया जा सके। भागलपुर पुलिस ने हाल के महीनों में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और अन्य अभियानों के जरिए लापता युवतियों की बरामदगी में तेजी दिखाई है, इसलिए इस केस में भी जल्द सफलता की उम्मीद की जा रही है।

भागलपुर में बढ़ते ऐसे मामले: एक सामाजिक चिंता

​नाथनगर और मधुसूदनपुर जैसे इलाकों में पिछले कुछ समय में युवतियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि सोशल मीडिया और संचार के साधनों का गलत इस्तेमाल इन घटनाओं के पीछे एक बड़ा कारण है। कम उम्र की युवतियां अक्सर बाहरी दुनिया की चकाचौंध और ‘शादी के वादे’ की सच्चाई को नहीं समझ पातीं और भावनाओं में बहकर गलत कदम उठा लेती हैं।

​इस घटना ने गांव के अन्य अभिभावकों के मन में भी डर पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर गांव के ही परिचित लोग इस तरह का कृत्य करेंगे, तो पड़ोसियों पर विश्वास करना मुश्किल हो जाएगा। मधुसूदनपुर की यह घटना उस समय हुई है जब पूरा जिला अंबेडकर जयंती और अन्य उत्सवों के माहौल में था। पुलिस ने अपील की है कि अभिभावक अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें ताकि उन्हें ऐसे तत्वों से बचाया जा सके।

अगली कार्रवाई: बरामदगी के लिए छापेमारी की तैयारी

​महिला थाने में मामला दर्ज होने के बाद भागलपुर पुलिस की एक टीम आरोपी युवक की तलाश में छापेमारी शुरू करेगी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के कुछ मित्रों और करीबियों को पूछताछ के लिए चिन्हित किया है। संदेह है कि युवक युवती को लेकर भागलपुर से बाहर किसी पड़ोसी जिले या राज्य (जैसे पश्चिम बंगाल या झारखंड) की ओर निकल गया हो सकता है।

​थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि वे महिला थाने के संपर्क में हैं और जैसे ही निर्देश प्राप्त होगा, लोदीपुर, नाथनगर और मधुसूदनपुर के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। पीड़ित पिता ने पुलिस महानिरीक्षक और वरीय पुलिस अधीक्षक से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर अपनी बेटी को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

​मधुसूदनपुर के उस गांव में आज भी सन्नाटा है, जहाँ से वह युवती लापता हुई थी। एक तरफ पिता की न्याय के लिए जंग है, तो दूसरी तरफ एक युवा जीवन के भटकाव की कहानी। अब सबकी नजरें पुलिस की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं जो युवती की बरामदगी के बाद सामने आएगी। क्या यह वास्तव में प्रेम प्रसंग का मामला है या फिर एक सोची-समझी आपराधिक साजिश, इसका खुलासा आने वाले कुछ दिनों में होने की संभावना है।

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