
भागलपुर, 21 मई 2026। भागलपुर नगर निगम ने शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस कारोबार चलाने वाले दुकानदारों और व्यवसायियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के निर्देश पर निगम प्रशासन ने विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे कारोबारियों की पहचान शुरू कर दी है, जो नियमों की अनदेखी करते हुए बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के व्यवसाय कर रहे हैं। निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।
नगर निगम की विशेष टीम ने गुरुवार को वार्ड संख्या 38 में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान क्षेत्र की दुकानों, प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक इकाइयों के ट्रेड लाइसेंस की जांच की गई। जांच के दौरान कई ऐसे दुकानदार सामने आए, जिनके पास वैध ट्रेड लाइसेंस नहीं था। निगम की टीम ने ऐसे व्यवसायियों की सूची तैयार कर ली है और अब उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार ट्रेड लाइसेंस प्रत्येक व्यवसायी के लिए अनिवार्य दस्तावेज है। इसके बिना किसी भी प्रकार का व्यावसायिक कार्य करना नियमों के खिलाफ माना जाता है। निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में व्यवस्थित व्यापार व्यवस्था, कर संग्रह और जनहित को ध्यान में रखते हुए ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन व्यवसायियों के पास ट्रेड लाइसेंस नहीं पाया गया है, उन्हें जल्द नोटिस जारी किया जाएगा। यदि निर्धारित समय के भीतर लाइसेंस नहीं बनवाया गया, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों पर प्राथमिकी यानी FIR भी दर्ज कराई जा सकती है।
नगर निगम की ट्रेड लाइसेंस शाखा के अधिकारियों ने कहा कि व्यवसायियों को पहले भी कई बार जागरूक किया गया था कि वे समय रहते अपना ट्रेड लाइसेंस बनवा लें। इसके बावजूद कई लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अब निगम प्रशासन ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष जांच अभियान के दौरान निगम की टीम ने दुकानदारों से उनके व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। कई दुकानदारों ने लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया में होने की बात कही, जबकि कुछ के पास कोई दस्तावेज नहीं मिला। निगम अधिकारियों ने ऐसे व्यवसायियों को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी।
नगर निगम का कहना है कि ट्रेड लाइसेंस केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह व्यवसाय के वैधानिक संचालन का महत्वपूर्ण आधार है। इसके जरिए निगम यह सुनिश्चित करता है कि शहर में चल रहे व्यवसाय सुरक्षा मानकों, स्वास्थ्य नियमों और कर व्यवस्था का पालन कर रहे हैं या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था से शहर में व्यवसायों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहता है। इससे कर संग्रह में पारदर्शिता आती है और अवैध कारोबार पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलती है। इसके अलावा किसी दुर्घटना या कानूनी विवाद की स्थिति में भी व्यवसाय की पहचान और जिम्मेदारी तय करना आसान हो जाता है।
इधर नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस जांच अभियान के साथ-साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान भी तेज कर दिया है। वार्ड संख्या 38 में सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। निगम की टीम ने कई दुकानदारों द्वारा सड़क और फुटपाथ पर फैलाए गए सामान को हटवाया।
अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ आम लोगों की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन कई व्यवसायी अपनी दुकानों का सामान बाहर लगाकर यातायात और पैदल चलने वालों के लिए परेशानी पैदा करते हैं।
अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बहस की स्थिति भी बनी, लेकिन निगम की टीम ने सख्ती दिखाते हुए अभियान जारी रखा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण अक्सर जाम और दुर्घटना की स्थिति बनती है।
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर के अन्य वार्डों में भी इसी तरह का अभियान लगातार चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। जो लोग नियमों का पालन करेंगे, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन अवैध तरीके से कारोबार चलाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद कई व्यवसायियों ने ट्रेड लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम कार्यालय में लाइसेंस संबंधी जानकारी लेने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। अधिकारियों ने कहा कि व्यवसायियों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि लोग आसानी से लाइसेंस प्राप्त कर सकें।
शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी व्यवसायियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि वैध लाइसेंस के साथ कारोबार करने से भविष्य में किसी कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भागलपुर नगर निगम की यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अब शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस कारोबार करना आसान नहीं होगा। निगम प्रशासन आने वाले दिनों में और अधिक सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी में है। ऐसे में व्यवसायियों को समय रहते सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे करने की सलाह दी जा रही है, ताकि वे किसी कानूनी कार्रवाई से बच सकें।


