
भागलपुर शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल कचहरी चौक के समीप बुधवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दो ई-रिक्शा की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में आधा दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना उस समय हुई जब तिलकामांझी की ओर से आ रहा एक ई-रिक्शा तेज रफ्तार में कचहरी चौक की ओर बढ़ रहा था। अचानक वाहन का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक ई-रिक्शा पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ने के बाद ई-रिक्शा सीधे सामने से आ रहे दूसरे ई-रिक्शा से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े। टक्कर की आवाज सुनकर दुकानदार, राहगीर और स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर जुट गए। कई यात्री वाहन के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। घायलों में पुरुष, महिलाएं और कुछ बुजुर्ग यात्री भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ यात्रियों को सिर, हाथ और पैरों में चोटें आईं, जबकि कुछ लोगों को हल्की चोटें लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। लोगों का कहना है कि ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने वाहन रोकने की कोशिश की, लेकिन सड़क पर भीड़ और सामने से आते वाहन के कारण दुर्घटना टालना संभव नहीं हो सका। घटना ने एक बार फिर शहर में चल रहे ई-रिक्शा की तकनीकी सुरक्षा और नियमित जांच व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों का इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने सबसे पहले घायलों को सुरक्षित अस्पताल भेजने की व्यवस्था कराई और फिर क्षतिग्रस्त दोनों ई-रिक्शा को सड़क किनारे हटवाया, ताकि यातायात सामान्य हो सके। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए कचहरी चौक क्षेत्र में लंबा जाम लग गया था।
ट्रैफिक पुलिस ने दोनों ई-रिक्शा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका सामने आई है, लेकिन पुलिस तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेगी। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए दोनों वाहनों की यांत्रिक जांच कराई जाएगी।
ई-रिक्शा चालक पंकज मंडल ने बताया कि हादसा अचानक हुआ और ब्रेक काम नहीं करने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। उनके अनुसार चालक ने वाहन रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन असफल रहा। चालक का बयान पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में बढ़ते ई-रिक्शा संचालन के साथ उनकी नियमित फिटनेस जांच भी उतनी ही जरूरी है। कई बार तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग और समय पर सर्विसिंग न होने के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। यदि वाहनों की समय-समय पर जांच हो और चालक सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो ऐसे हादसों की संभावना कम हो सकती है।
भागलपुर में हाल के महीनों में ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है। कम किराया और आसान उपलब्धता के कारण बड़ी संख्या में लोग ई-रिक्शा का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती संख्या के साथ ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा नियमों के पालन की चुनौती भी बढ़ी है। प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी बन गया है कि सभी वाहन सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करें।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शा की फिटनेस जांच को और सख्त किया जाए। उनका कहना है कि कई वाहन बिना उचित तकनीकी जांच के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। नागरिकों ने नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन की मांग उठाई है।
यह हादसा भागलपुर के व्यस्त शहरी यातायात में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। सड़क पर छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। ऐसे में वाहन मालिकों, चालकों और प्रशासन तीनों की जिम्मेदारी बनती है कि सुरक्षा नियमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कचहरी चौक पर हुई यह दुर्घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही कभी भी गंभीर परिणाम ला सकती है।


