​भागलपुर JLNMCH का बदलेगा स्वरूप: 8 नए शव गृह और 16 रजिस्ट्रेशन काउंटर बनेंगे; रोगी कल्याण समिति की बैठक में लगी मुहर

भागलपुर | 24 फरवरी, 2026: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (J.L.N.M.C.H.) में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई ‘रोगी कल्याण समिति’ की इस बैठक में अस्पताल के बुनियादी ढांचे और तकनीकी सुविधाओं को अपग्रेड करने के कई बड़े फैसलों पर सहमति प्रदान की गई है।

अस्पताल में होंगे ये 5 बड़े बदलाव

​अधीक्षक द्वारा रखे गए एजेंडा पर चर्चा के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई:

  • शव गृह (Mortuary): अस्पताल में शवों को सहेजने के लिए 08 नए शव गृह का निर्माण कराया जाएगा।
  • ओपीडी सुदृढ़ीकरण: मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए रजिस्ट्रेशन के लिए 16 नए काउंटर खोले जाएंगे, जिससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
  • नया इंफ्रास्ट्रक्चर: फैब्रीकेटेड वार्ड से लेकर इन्डोर बेसमेंट तक सड़क और शेड का निर्माण किया जाएगा।
  • आधुनिक जांच मशीन: जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से एक नई एंडोस्कोपी मशीन की खरीद की जाएगी।
  • कनेक्टिविटी: अस्पताल के सभी विभागों में इन्टरकॉम की सुविधा बहाल की जाएगी ताकि विभागों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।

टेली-रिपोर्टिंग से मिलेगी त्वरित राहत

​सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए एक बड़ी तकनीकी सुधार की घोषणा की गई है। अब वहां सी.टी. स्कैन और एम.आर.आई. की रिपोर्टिंग के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन नियम संगत रूप से ऑनलाइन टेली-रिपोर्टिंग की जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों का इलाज समय पर शुरू हो सकेगा।

बैठक में उपस्थित मुख्य अधिकारी

​यह बैठक अपराह्न 3:30 बजे जे.एल.एन.एम.सी.एच. परिसर में संपन्न हुई, जिसमें जिले के आला अधिकारियों ने शिरकत की:

  1. प्रमंडलीय आयुक्त, भागलपुर: अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति।
  2. जिला पदाधिकारी (DM), भागलपुर: उपाध्यक्ष।
  3. महापौर, नगर निगम भागलपुर: विशेष सदस्य।
  4. अधीक्षक, J.L.N.M.C.H.: सचिव एवं अन्य समिति सदस्य।

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: जे.एल.एन.एम.सी.एच. पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल रिपोर्टिंग की शुरुआत होने से न केवल भागलपुर, बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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