
भागलपुर। सिल्क सिटी के ईशाकचक थाना क्षेत्र अंतर्गत भीखनपुर इलाके में बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया। भीखनपुर गुमटी नंबर 2 के समीप स्थित मिश्रा टोला में एक होनहार युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान अमर कुमार राय के पुत्र गोलू कुमार के रूप में हुई है। इस घटना ने न केवल मिश्रा टोला बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी मातम का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे हृदयविदारक पहलू यह है कि गोलू कुमार ने इसी वर्ष बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में सफलता हासिल की थी। जिस घर में बेटे की सफलता को लेकर भविष्य के सपने बुने जा रहे थे, वहां अब केवल सन्नाटा और चीखें शेष रह गई हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की तहकीकात शुरू कर दी गई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे यह पूरा मामला रहस्यमयी बना हुआ है।
मिश्रा टोला में सन्नाटा: रात का खाना और सुबह का खौफ
घटना की शुरुआत मंगलवार की रात से होती है। बताया जा रहा है कि गोलू कुमार मंगलवार की रात अपने परिजनों के साथ सामान्य रूप से बैठा था। उसने रात का खाना खाया और करीब 10 बजे अपने कमरे में सोने चला गया। परिजनों के अनुसार, गोलू के व्यवहार में कोई ऐसी बात नहीं थी जिससे किसी अप्रिय घटना का अंदेशा हो सके। वह शांत स्वभाव का युवक था और अपनी मैट्रिक की सफलता के बाद भविष्य की पढ़ाई को लेकर उत्साहित नजर आता था।
बुधवार की सुबह जब काफी देर तक गोलू के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता होने लगी। मां ने कई बार आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खिड़की से झांकने की कोशिश की गई, लेकिन वहां से भी कुछ स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने पड़ोसियों को बुलाया और काफी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही दरवाजा खुला, सामने का दृश्य देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गोलू कुमार पंखे के हुक से साड़ी के फंदे के सहारे लटका हुआ था।
सफलता की दहलीज पर खड़ा था गोलू: क्यों चुनी मौत?
गोलू कुमार के बारे में जानकारी मिली है कि वह पढ़ने-लिखने में रुचि रखता था। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा हाल ही में जारी किए गए मैट्रिक के परिणामों में उसने अच्छे अंकों के साथ सफलता प्राप्त की थी। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बेटे का मैट्रिक पास करना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, जिसके बाद आगे की पढ़ाई और करियर की योजनाएं शुरू होती हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि गोलू एक मिलनसार लड़का था और अक्सर अपनी सफलता को लेकर चर्चा करता था।
ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि सफलता के ठीक बाद और करियर की शुरुआत से पहले गोलू ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया? क्या कोई मानसिक दबाव था जिसे वह साझा नहीं कर पा रहा था या फिर इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था? फिलहाल पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।
ईशाकचक पुलिस की कार्रवाई और परिजनों की चुप्पी
घटना की जानकारी मिलते ही ईशाकचक थाना पुलिस दल-बल के साथ मिश्रा टोला पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्यों को एकत्रित किया। थाना प्रभारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस ने शव को पंखे से नीचे उतरवाकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया।
अजीब बात यह है कि इस पूरे मामले में गोलू के परिजन कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। पिता अमर कुमार राय और अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं और उन्होंने पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में किसी भी तरह के विवाद या परेशानी की जानकारी नहीं दी है। परिजनों की यह चुप्पी भी कई तरह के कयासों को जन्म दे रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों में गोलू के मोबाइल फोन पर कोई ऐसी कॉल या मैसेज आया था जिससे वह परेशान था। उसके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगालने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
मोहल्ले में शोक की लहर: सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
भीखनपुर गुमटी नंबर 2 के मिश्रा टोला में इस घटना के बाद से ही लोगों की भारी भीड़ जमा है। पड़ोसियों का कहना है कि गोलू ने कभी भी अपनी परेशानियों का जिक्र नहीं किया। इस घटना ने युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या की प्रवृत्तियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अक्सर परीक्षा के परिणामों के बाद या भविष्य की चिंताओं के कारण युवा ऐसे कदम उठाते हैं, लेकिन गोलू के मामले में वह परीक्षा पास कर चुका था, जो इस घटना को और अधिक रहस्यमयी बनाता है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। मोहल्ले के बुजुर्गों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं के मन को पढ़ना बहुत कठिन हो गया है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों से निरंतर संवाद बनाए रखें। हालांकि गोलू के घर में ऐसा कोई माहौल नहीं था, फिर भी समाज के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है।
जांच के दायरे में सुसाइड की गुत्थी
ईशाकचक थाना पुलिस अब इस मामले के हर संभावित पहलू को खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे न केवल पारिवारिक कलह बल्कि बाहरी दबाव या किसी अन्य संलिप्तता की भी जांच करेंगे। कमरे के भीतर से कोई संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं, जिससे बाहरी व्यक्ति के प्रवेश की संभावना कम नजर आती है। फिर भी, पुलिस अपनी तफ्तीश को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ा रही है।
मृतक गोलू के दोस्तों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि यह पता चल सके कि क्या वह किसी निजी समस्या या प्रेम प्रसंग जैसे मामले से जूझ रहा था। भागलपुर के इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में ऐसी घटना होना सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिहाज से भी चिंताजनक है। फिलहाल, मिश्रा टोला की गलियां खामोश हैं और हर कोई बस एक ही सवाल पूछ रहा है—’आखिर गोलू ने ऐसा क्यों किया?’


