
भागलपुर: भागलपुर के इशाकचक मोहल्ले में रविवार को नशा विरोधी जागरूकता सभा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समाजसेवी मो. नसीमुद्दीन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर नशे के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाने का संकल्प लिया।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि नशा आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। खासकर युवा पीढ़ी तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रही है, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते समाज नहीं जागा, तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा।
समाज और पुलिस ने मिलकर दिया संदेश
इशाकचक थाना क्षेत्र में आयोजित इस जागरूकता सभा में थाना अध्यक्ष समेत कई पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज और प्रशासन ने मिलकर नशा उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयास करने की बात कही।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई से नशे की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके लिए समाज को भी जागरूक और सक्रिय होना होगा। लोगों ने कहा कि परिवार, समाज और प्रशासन जब एक साथ खड़े होंगे तभी नशे जैसी बुराई पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
“नशा युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा”
कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने चिंता जताई कि नशे की लत युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और रोजगार की उम्र में युवा गलत संगत और नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से प्रभावित करता है।
लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्कूल, कॉलेज और मोहल्ला स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि युवाओं को समय रहते सही दिशा दी जा सके।
स्थानीय लोगों ने लिया संकल्प
सभा में मौजूद स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी अभियान को मजबूत करने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि वे अपने मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि समाज को बचाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं।
सामाजिक एकता पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी पर भी विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि नशे जैसी समस्या किसी एक परिवार या समुदाय की नहीं बल्कि पूरे समाज की समस्या है।
उन्होंने कहा कि सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोगों को मिलकर इस बुराई के खिलाफ खड़ा होना होगा। समाज में सकारात्मक माहौल बनाने और युवाओं को अच्छे कार्यों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने सहयोग का दिया भरोसा
सभा में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन नशा कारोबार और इससे जुड़े अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं नशे का कारोबार या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
युवाओं को खेल और शिक्षा से जोड़ने की अपील
कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी बल दिया। उनका कहना था कि यदि युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक माहौल मिले, तो वे नशे जैसी आदतों से दूर रह सकते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि परिवारों को भी बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उनके व्यवहार में होने वाले बदलावों को गंभीरता से समझना चाहिए।
लगातार बढ़ रही है चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी अब नशे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर युवाओं में नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर होने वाले जागरूकता अभियान समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मोहल्ला स्तर पर अभियान चलाने की योजना
सभा में मौजूद लोगों ने तय किया कि आने वाले दिनों में मोहल्ला स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत युवाओं और अभिभावकों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लोगों ने कहा कि केवल एक दिन की सभा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लगातार प्रयास करने होंगे।
परिवारों की भूमिका भी अहम
वक्ताओं ने कहा कि नशा रोकने में परिवार की भूमिका सबसे अहम होती है। बच्चों और युवाओं के साथ संवाद बनाए रखना जरूरी है ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।
उन्होंने कहा कि परिवार यदि समय रहते सतर्क हो जाए तो कई युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सकता है।
महिलाओं ने भी दिखाई भागीदारी
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली। महिलाओं ने कहा कि नशे की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी परिवारों को उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि कई घरों में नशे के कारण घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसलिए महिलाओं ने भी इस अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने की बात कही।
प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास की जरूरत
सभा में यह बात बार-बार सामने आई कि नशा उन्मूलन के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को साथ मिलकर काम करना होगा।
लोगों ने कहा कि यदि जागरूकता, सामाजिक सहयोग और प्रशासनिक कार्रवाई एक साथ चलती रही, तो समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
जागरूकता कार्यक्रमों को मिल रहा समर्थन
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करते हैं। कई लोगों ने सुझाव दिया कि स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर भी नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
नशामुक्त समाज बनाने का लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एकजुट होकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि वे अपने आसपास के युवाओं को जागरूक करेंगे और समाज को इस बुराई से मुक्त करने की दिशा में लगातार काम करेंगे।
सभा के दौरान मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि यदि समाज एकजुट होकर आगे बढ़े, तो नशे जैसी समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


