भागलपुर में कोल्ड कर्फ्यू जैसा हाल, 14 जनवरी तक नहीं मिलेगी ठंड से राहत; अस्पतालों में बढ़े कोल्ड अटैक के मरीज

भागलपुर। जिले में ठंड की मार लगातार जारी है और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। शुक्रवार की सुबह शहर मध्यम कोहरे की चपेट में रहा, जिससे दृश्यता घटकर 55 मीटर तक पहुंच गई। सुबह से लेकर दोपहर बाद करीब एक बजे तक पूरा शहर कोल्ड कर्फ्यू जैसी स्थिति में नजर आया। सूरज बादलों में छिपा रहा और सर्द पछुआ हवाएं लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर करती रहीं।

दोपहर बाद करीब एक बजे के आसपास धूप जरूर निकली और कुछ देर के लिए सूरज तेज दिखा, लेकिन सर्द हवाओं के सामने धूप की तपिश भी बेअसर साबित हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, के अनुमान बताते हैं कि कम से कम 14 जनवरी तक ठंड का यही बेरहम दौर जारी रहेगा। इस दौरान मध्यम कोहरे के बीच दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन दिन और रात के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।

तापमान में गिरावट, सर्द हवा का असर

बीते 24 घंटे में जिले के मौसम में और तल्खी आई है। इस दौरान दिन का तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि रात का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक है। दिनभर 6.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलती रही, जिससे कनकनी और बढ़ गई।

ठंड का साइड इफेक्ट: अस्पतालों में बढ़े कोल्ड अटैक के मामले

ठंड बढ़ते ही इसके साइड इफेक्ट भी सामने आने लगे हैं। (मायागंज अस्पताल) में कोल्ड अटैक के मरीजों की संख्या में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 7 जनवरी के बीच स्किन एंड वेनेरियल डिजीज ओपीडी में 29 मरीज कोल्ड अटैक की समस्या लेकर पहुंचे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल दिन में धूप निकलने के कारण मामलों में कुछ नियंत्रण है, लेकिन अगर धूप निकलना बंद हुआ तो कोल्ड अटैक के मरीजों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है

किन लोगों में ज्यादा खतरा

स्किन एंड वीडी विभाग के अनुसार, कोल्ड अटैक से पीड़ित मरीजों में कामकाजी महिलाएं, किसान, धोबी, दुपहिया वाहन चालक और खुले में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा हैं। ठंड के कारण त्वचा की नसों में सिकुड़न आ जाती है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इसके चलते सूजन, जलन, एलर्जी, सोरायसिस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक ठंडे पानी या सर्द हवा के संपर्क में रहने से चिलब्लेंस जैसी परेशानी पैदा हो जाती है।

14 जनवरी तक कड़ाके की ठंड जारी रहेगी

के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार, उत्तर भारत और बिहार के हिस्सों में औसत समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर 140 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार से 14 जनवरी तक आंशिक बदरी के बीच दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन सर्द हवाओं के कारण दिन में भी कनकनी बनी रहेगी। रात में ओस गिरेगी और सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहेगा।

डॉक्टरों की सलाह

त्वचा एवं सौंदर्य रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या सिंह का कहना है कि जिन लोगों का पानी से ज्यादा संपर्क रहता है, उनमें कोल्ड अटैक का खतरा अधिक होता है। ऐसे में ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी का इस्तेमाल करें। बाहर निकलते समय पूरे गर्म कपड़े और ग्लव्स पहनना जरूरी है।

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