खबर के मुख्य बिंदु:
- भव्य आयोजन: भागलपुर के जैन धर्मशाला (लाल कोठी) में धूमधाम से मनाया गया होली मिलन समारोह।
- सांस्कृतिक संगम: मां काली के 108 काली महायज्ञ महोत्सव समिति की ओर से हुई मेजबानी।
- भाईचारे का संदेश: अबीर-गुलाल के साथ समाज के गणमान्य लोगों ने बांटी खुशियां।
- लजीज व्यंजन: ठंडाई और पारंपरिक पकवानों ने उत्सव में लगाया चार चांद।
भागलपुर: फागुन की बयार और रंगों का खुमार! भागलपुर की फिजाओं में आज होली की मस्ती और भाईचारे की मिठास घुल गई। जैन धर्मशाला, लाल कोठी में आयोजित भव्य ‘होली मिलन समारोह’ में पूरा शहर रंगों से सराबोर नजर आया। मां काली के 108 काली महायज्ञ महोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का जरिया है।
रंगों और गीतों से गुलजार हुई ‘लाल कोठी’
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद पारंपरिक और भव्य तरीके से हुई। जैसे ही ढोल की थाप और होली के पारंपरिक गीत गूंजे, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई झूम उठा।
- अबीर-गुलाल की बौछार: उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे के माथे पर तिलक लगाकर और गुलाल उड़ाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
- खुशियों की ठंडाई: उत्सव का मजा तब दोगुना हो गया जब मेहमानों के लिए खास तौर पर तैयार की गई ठंडाई और लजीज व्यंजनों की व्यवस्था की गई। लोगों ने एक साथ बैठकर पकवानों का स्वाद चखा और पुराने मतभेद भुलाकर गले मिले।
नेताओं और समिति का ‘प्रेम संदेश’
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने इस मिलन समारोह को समाज की एकता का प्रतीक बताया।
- इंजीनियर रवि कुमार (अध्यक्ष): “होली आपसी मतभेदों को मिटाने का पर्व है। आज यहाँ उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह है कि हम सब एक हैं।”
- संजू मंडल ‘गोल्ड जेन’ (संयोजक): “108 काली महायज्ञ समिति हमेशा धार्मिक और सामाजिक एकता के लिए काम करती रही है, यह समारोह उसी की एक कड़ी है।”
- धर्मेंद्र यादव (महासचिव): “सिल्क सिटी की यह खूबसूरती है कि यहाँ हर त्योहार मिल-जुलकर मनाया जाता है।”
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- स्थान: जैन धर्मशाला, लाल कोठी, भागलपुर।
- आयोजक: मां काली के 108 काली महायज्ञ महोत्सव समिति।
- प्रमुख व्यक्तित्व: ई. रवि कुमार, संजू मंडल, और धर्मेंद्र यादव।
- विशेष आकर्षण: पारंपरिक होली गीत, ठंडाई और भाईचारे का संदेश।
- प्रतिभागी: स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु और समाज के गणमान्य व्यक्ति।
VOB का नजरिया: रंगों की राजनीति नहीं, ‘प्रेम की राजनीति’ जरूरी!
भागलपुर की गलियों से उड़ा यह गुलाल केवल हवाओं में नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में उतरना चाहिए। ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि यहाँ कोई बड़ा-छोटा नहीं होता, सब ‘गुलाल’ के एक ही रंग में रंगे होते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की ओर से सभी भागलपुर वासियों को होली की अग्रिम शुभकामनाएं! खुश रहें, सुरक्षित खेलें और खुशियां बांटते रहें।


