सन्हौला (भागलपुर): मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सन्हौला बाजार में चल रहे निजी अस्पतालों पर औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही इलाके में मेडिकल प्रैक्टिस करने वालों में हड़कंप मच गया और कई क्लिनिक एवं दवाखाने आनन-फानन में बंद कर दिए गए।
किन-किन अस्पतालों की हुई जांच?
कहलगांव अनुमंडल लोक शिकायत के आलोक में सन्हौला अंचलाधिकारी रजनीश चंद्र राय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला के प्रभारी डॉक्टर नजरुल हसन की अगुवाई में दो निजी अस्पतालों की बारीकी से जांच की गई।
क्या-क्या मिला?
जांच के दौरान एक निजी अस्पताल में दो मरीजों ने टीम के समक्ष बयान दिया कि सरकारी अस्पताल की दो आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें इलाज के लिए जबरन इस प्राइवेट हॉस्पिटल में लाया था।
जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कई महीने पहले समाप्त हो चुका है और इसके बावजूद बिना अनुमति के संचालन किया जा रहा था।
क्या बोले अधिकारी?
अंचलाधिकारी रजनीश चंद्र राय ने बताया कि “निर्देश के आलोक में छापेमारी की गई थी। निजी अस्पताल में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसकी रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
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