
भागलपुर: तातारपुर थाना क्षेत्र स्थित एक गौशाला में बुधवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों ने गौशाला में पशुओं के लिए बड़ी मात्रा में रखे गए सूखे चारे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये मूल्य का चारा जलकर पूरी तरह राख हो गया। घटना के समय परिसर में 100 से अधिक गायें बंधी हुई थीं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया, जबकि सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आग से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन भी संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है।
देखते ही देखते आग की चपेट में आया पूरा चारा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में गौशाला परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर बाद तेज लपटें उठने लगीं और सूखे भूसे तथा चारे में आग तेजी से फैल गई। चूंकि परिसर में बड़ी मात्रा में सूखा चारा रखा गया था, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरा चारा जलने लगा और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले गौशाला में बंधी गायों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
मवेशियों को बचाने के लिए लोगों ने दिखाई बहादुरी
घटना के समय गौशाला में 100 से अधिक गायें मौजूद थीं। आग फैलते ही कई लोग अपनी जान की परवाह किए बिना गौशाला के अंदर पहुंचे और गायों की रस्सियां खोलकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि कुछ मिनट और देर हो जाती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
कुछ लोगों ने बाल्टियों और पाइप की मदद से शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकल विभाग की मदद के बिना उस पर काबू पाना संभव नहीं था।
सूचना मिलते ही पहुंची दमकल की टीम
आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए लगातार पानी की बौछार शुरू की। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए उसे नियंत्रित करने में काफी समय लगा। कई घंटे तक चले अभियान के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
दमकल विभाग ने आग को आसपास की अन्य संरचनाओं तक फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। इससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
लाखों रुपये का नुकसान, चारा पूरी तरह नष्ट
गौशाला में पशुओं के लिए लंबे समय के उपयोग हेतु बड़ी मात्रा में भूसा, सूखा चारा और अन्य पशु आहार रखा गया था। आग की वजह से पूरा चारा जल गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि नुकसान का सही आकलन विस्तृत जांच और निरीक्षण के बाद ही सामने आएगा। इसके लिए संबंधित विभागों की टीम को मौके पर भेजा गया है।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे घटनास्थल
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी गौशाला पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार करने तथा आग लगने के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने गौशाला प्रबंधन से भी घटना के संबंध में जानकारी ली और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी।
आग लगने की वजह अब भी रहस्य
फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या किसी अन्य कारण से लगी हो सकती है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। घटनास्थल से आवश्यक जानकारी और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद गौशालाओं और अन्य पशु आश्रय स्थलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बड़ी मात्रा में सूखा चारा और भूसा रखने वाले परिसरों में अग्निशमन उपकरण, पर्याप्त पानी की व्यवस्था और नियमित सुरक्षा जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे स्थानों पर समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाए तो इस तरह की घटनाओं में नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गौशाला प्रबंधन पशुओं के लिए वैकल्पिक चारे की व्यवस्था करने में जुटा है, जबकि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गौशाला को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि पशुओं के रखरखाव में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


