भागलपुर। बाढ़ पीड़ितों ने बुधवार को मुआवजा राशि नहीं मिलने के विरोध में एनएच-80 को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। बोलसर पंचायत के लगभग 500 ग्रामीण सड़क पर उतर आए और प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
महिलाओं ने झाड़ू लेकर किया प्रदर्शन
प्रदर्शन में नाराज महिलाओं ने हाथों में झाड़ू लेकर सड़क पर उतरकर विरोध जताया। इस दौरान भागलपुर-साहिबगंज मुख्य मार्ग पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाढ़ पीड़ितों का आरोप: अब तक नहीं मिली मदद
ग्रामीणों ने कहा कि वे बाढ़ प्रभावित इलाके में रहते हैं और इस आपदा में उनका लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से घोषित जीआर (अनुग्रह) राशि उन्हें नहीं मिली है।
प्रदर्शन में शामिल कविता देवी ने बताया कि बोलसर पंचायत के तीन गांवों के लोग आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अंचलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने समझाने की कोशिश
सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। घटना की जानकारी कहलगांव डीएसपी को भी दी गई, हालांकि वह मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को समझाने पहुंचे, लेकिन लोग ठोस आश्वासन मिलने तक सड़क से हटने को तैयार नहीं थे।
एनएच-80 पर घंटों ठप रहा यातायात
गौरतलब है कि एनएच-80 एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जो भागलपुर को झारखंड के साहिबगंज से जोड़ता है। इस जाम के कारण लंबे समय तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उन्हें मुआवजा राशि देने का स्पष्ट भरोसा नहीं देता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।


