भागलपुर में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय फिडे रेटेड शतरंज टूर्नामेंट, अगस्त में जुटेंगे देश-विदेश के 700 से अधिक खिलाड़ी

भागलपुर जल्द ही अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी नई पहचान बनाने जा रहा है। पहली बार शहर में अंतरराष्ट्रीय फिडे रेटेड रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश और विदेश के सैकड़ों खिलाड़ी अपनी रणनीति और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर भागलपुर जिला शतरंज संघ (बीडीसीए) ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी साझा की। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं होगी, बल्कि बिहार में शतरंज के विकास और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

संघ के अनुसार, 8 और 9 अगस्त 2026 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर परिसर में “फर्स्ट राइवल ऑफ अंगा इंटरनेशनल रैपिड रेटिंग चेस टूर्नामेंट-2026” का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति का अनुमान है कि इस प्रतियोगिता में 700 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे, जिससे यह बिहार में आयोजित होने वाले सबसे बड़े शतरंज आयोजनों में शामिल हो जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित करने की तैयारियां कई महीनों से चल रही हैं। खिलाड़ियों के पंजीकरण, प्रतियोगिता स्थल, तकनीकी व्यवस्था, आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं को लेकर अलग-अलग समितियां लगातार काम कर रही हैं। आयोजन समिति का उद्देश्य खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले प्रशिक्षकों तथा अधिकारियों को उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि प्रतियोगिता पूरी तरह पेशेवर और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिताबधारी खिलाड़ियों की भागीदारी होगी। प्रतियोगिता में ग्रैंडमास्टर, इंटरनेशनल मास्टर, फिडे मास्टर, कैंडिडेट मास्टर, महिला इंटरनेशनल मास्टर और महिला फिडे मास्टर सहित कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इनके अलावा राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों और देशभर के उभरते युवा शतरंज खिलाड़ियों के भी बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शहर में इतने बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्रतियोगिता आयोजित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलता है। भागलपुर और आसपास के जिलों के युवा खिलाड़ियों को पहली बार अपने ही शहर में विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के मुकाबले देखने और उनके खेल से सीखने का अवसर मिलेगा। इससे शतरंज के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ने के साथ-साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का अनुभव भी मिलेगा।

भागलपुर जिला शतरंज संघ का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं है, बल्कि बिहार को शतरंज के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाना भी है। लंबे समय से राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब ऐसी प्रतियोगिताएं बिहार में आयोजित होने से खिलाड़ियों का समय और खर्च दोनों कम होंगे तथा उन्हें बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलेगा।

प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के खेल मंत्री को आमंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा कृषि मंत्री, ऊर्जा मंत्री, पथ निर्माण मंत्री सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। आयोजन समिति ने भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित करने की तैयारी की है ताकि यह आयोजन व्यापक जनभागीदारी के साथ संपन्न हो सके।

संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता भागलपुर और पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार यह आयोजन केवल दो दिनों का खेल कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के खेल भविष्य को नई दिशा देने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह सपना था कि बिहार के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता खेलने का अवसर मिले और अब यह सपना साकार होने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब किसी शहर में ग्रैंडमास्टर और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहुंचते हैं तो वहां के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास पैदा होता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रेरित करते हैं और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, प्रायोजकों और नागरिकों के सहयोग से यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगी।

संघ के सचिव अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आयोजन समिति पिछले कई महीनों से लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। प्रतियोगिता के प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी व्यवस्था, समयबद्ध संचालन, आरामदायक सुविधाएं और पारदर्शी प्रतियोगिता प्रणाली सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता बिहार में शतरंज के विकास की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। इससे न केवल खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा बल्कि भागलपुर की पहचान भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले प्रशिक्षकों तथा अभिभावकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

प्रेस वार्ता में संघ ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, उद्योग जगत, प्रायोजकों और शतरंज प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संघ का कहना है कि विभिन्न स्तरों पर मिले सहयोग और सकारात्मक समर्थन के कारण ही इतने बड़े आयोजन की तैयारियां संभव हो सकी हैं।

संघ ने मीडिया की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतियोगिता की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच रही है। इससे न केवल खिलाड़ियों को प्रतियोगिता की जानकारी मिलेगी बल्कि भागलपुर में होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलेगी।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रतियोगिता का सफल आयोजन होता है तो भविष्य में भागलपुर को नियमित रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं की मेजबानी का अवसर मिल सकता है। इससे बिहार के युवा खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का वातावरण मिलेगा और राज्य की खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान मिलेगी।

भागलपुर में पहली बार आयोजित होने जा रही यह अंतरराष्ट्रीय फिडे रेटेड रैपिड शतरंज प्रतियोगिता केवल खिलाड़ियों के बीच मुकाबले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर की खेल संस्कृति, युवा प्रतिभाओं के विकास और बिहार की नई खेल पहचान को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन बनने की उम्मीद है। अगस्त में होने वाला यह महाकुंभ शतरंज प्रेमियों के लिए यादगार अवसर साबित हो सकता है, जहां विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की रणनीति, अनुभव और प्रतिभा को एक ही मंच पर देखने का मौका मिलेगा।

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