
- ‘सबका सम्मान- जीवन आसान’: 7 निश्चय-3 के तहत डीएम ने अपने कार्यालय में सुनीं जनता की समस्याएं; पेंशन और जमीन विवाद के मामले रहे सबसे ज्यादा
- सिस्टम हुआ एक्टिव: सिर्फ डीएम नहीं, डीडीसी से लेकर थानेदार तक… जिले से प्रखंड स्तर तक सभी अधिकारियों ने लगाई क्लास, सुनीं शिकायतें
- मानवीय पहल: व्हीलचेयर पर पहुंचे दिव्यांग आवेदक की डीएम ने खुद सुनी पीड़ा; आवेदकों के लिए पानी, शौचालय और बैठने की विशेष व्यवस्था
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)
भागलपुर में ‘सात निश्चय-3’ (7 Nishchay-3) के संकल्प “सबका सम्मान- जीवन आसान” (Ease of Living) को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अपने कार्यालय कक्ष में आम जनों के आवेदनों पर सुनवाई की। इस दौरान लगभग 70 आवेदनों का निपटारा करने की दिशा में पहल की गई, जिनमें अधिकतर मामले लंबित पेंशन और भूमि विवाद से जुड़े थे।
व्हीलचेयर पर पहुंचा फरियादी, डीएम ने सुनी बात
सुनवाई के दौरान एक भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब एक दिव्यांग आवेदक अपनी फरियाद लेकर व्हीलचेयर पर डीएम के समक्ष पहुंचा। जिलाधिकारी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ उसकी समस्या सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। यह घटना प्रशासन के मानवीय चेहरे और “सबका सम्मान” के उद्देश्य को सार्थक करती नजर आई।
जिले से लेकर थाने तक चला अभियान
यह सुनवाई केवल समाहरणालय तक सीमित नहीं थी। डीएम के निर्देश पर पूरे जिले में प्रशासनिक मशीनरी एक्टिव मोड में दिखी।
- जिला स्तर: उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (राजस्व), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) और अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) ने अपने-अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया।
- प्रखंड और थाना स्तर: सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और थानेदारों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में आम जनों की समस्याएं सुनीं।
फरियादियों को मिली रसीद और सुविधाएं
प्रशासन ने इस बात का खास ख्याल रखा कि अपनी समस्या लेकर आने वाले आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो।
- पंजीकरण: सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण (Registration) किया गया और आवेदकों को प्राप्ति रसीद (Receiving) दी गई।
- सुविधाएं: सभी कार्यालयों के पास फरियादियों के बैठने की उचित व्यवस्था के साथ-साथ शुद्ध पेयजल और शौचालय की सुविधा भी सुनिश्चित की गई थी।


