- झोलाछाप पर नकेल: डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सिविल सर्जन को दिया अल्टीमेटम; मानक के विपरीत चल रहे निजी क्लीनिक होंगे सील, झोलाछाप चिकित्सकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
- वेतन बंद: ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ में लापरवाही पड़ी भारी; हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान न कर पाने पर जिला सामुदायिक प्रेरक (District Community Mobilizer) का वेतन स्थगित
- मातृ मृत्यु पर जीरो टॉलरेंस: प्रसव के दौरान मौत हुई तो नपेंगी एएनएम (ANM) और आशा; डीएम ने कहा- हर मौत का हो ऑडिट, लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर)
भागलपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी शनिवार (14 फरवरी) को बेहद सख्त मूड में नजर आए। समीक्षा भवन में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सील करने का आदेश दिया है
लापरवाही पर गिरा वेतन का गाज
बैठक में ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ की समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (High Risk Pregnancy) की पहचान उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है।
- कार्रवाई: इससे नाराज होकर डीएम ने तत्काल प्रभाव से जिला सामुदायिक प्रेरक का वेतन स्थगित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया
- मातृ मृत्यु दर: डीएम ने निर्देश दिया कि मातृ मृत्यु के हर मामले की गहराई से जांच हो। यह देखा जाए कि प्रसव पूर्व जांच हुई थी या नहीं। अगर एएनएम या आशा स्तर पर चूक मिली, तो उन पर कार्रवाई होगी
अस्पतालों की रिपोर्ट कार्ड: सुल्तानगंज और नाथनगर फिसड्डी
समीक्षा में कई अस्पतालों का प्रदर्शन जिला औसत से खराब पाया गया:
- भाव्या स्कैन एंड शेयर: रेफरल अस्पताल नाथनगर (81%) और सीएचसी रंगराचक (88%) जिला औसत (94%) से पीछे हैं। डीएम ने इसे 100% करने का निर्देश दिया
- वाइटल्स जांच: रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज में मरीजों की वाइटल्स जांच (91.6%) कम पाई गई। इसे सुधारने को कहा गया है
- SNCU (सदर अस्पताल): सदर अस्पताल के एसएनसीयू में क्षमता के मुकाबले जनवरी में केवल 75% नवजात बच्चे भर्ती हुए। डीएम ने इस पर असंतोष जताया
टीबी और आशा चयन पर निर्देश
डीएम ने यक्ष्मा (TB) उन्मूलन के लिए ओपीडी में आने वाले 3% मरीजों की जांच अनिवार्य करने को कहा। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरने के लिए अगले सप्ताह बीडीओ और मुखिया के साथ बैठक कर चयन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया
स्वास्थ्य विभाग में डीएम की यह सख्ती आम जनता के लिए राहत की खबर है।


