​भागलपुर के नए कमिश्नर बने प्रेम सिंह मीणा: पदभार संभालते ही एक्शन मोड में पहुंचे विक्रमशिला पुल, बरारी घाट की व्यवस्थाओं को परखा

भागलपुर, 18 मई 2026। बिहार प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ और नीतिगत मामलों के विशेषज्ञ अधिकारी प्रेम सिंह मीणा ने सोमवार को आधिकारिक रूप से भागलपुर प्रमंडल के नए प्रमंडलीय आयुक्त (कमिशनर) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक तंत्र को और अधिक गतिशील तथा जन-आकांक्षी बनाने के विलेख के तहत यह प्रतिनियोजन धरातल पर उतारा गया है। नए प्रमंडलीय आयुक्त के भागलपुर आगमन को लेकर प्रमंडलीय मुख्यालय और जिला प्रशासन के गलियारों में सुबह से ही भारी सांगठनिक सरगर्मी देखी जा रही थी। पदभार ग्रहण करने की इस विधिक प्रविष्टि से पूर्व, उनके भागलपुर की सीमा में प्रवेश करने पर जिला अतिथि गृह (सर्किट हाउस) में जिला मजिस्ट्रेट सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर भावभीनी विधा के साथ उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस औपचारिक स्वागत विलेख के तुरंत बाद, बिहार पुलिस के सशस्त्र जवानों की एक विशेष टुकड़ी द्वारा उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया, जिसका उन्होंने अत्यंत गंभीरता से निरीक्षण किया।

भागलपुर की धरती से पुराना लगाव: चार वर्षों के अंतराल के बाद कमिश्नर के रूप में वापसी

​आधिकारिक रूप से पदभार संधारित करने के तुरंत बाद प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के मुख्य विमर्श कक्ष में नए कमिशनर प्रेम सिंह मीणा ने स्थानीय मीडिया विभावों और संवाददाताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अंग प्रक्षेत्र की इस ऐतिहासिक धरती के साथ अपने पुराने और प्रगाढ़ प्रशासनिक संबंधों को सहर्ष रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट विलेख साझा करते हुए कहा कि भागलपुर की मिट्टी और यहाँ के आम नागरिकों से उनका अत्यंत पुराना व गहरा लगाव रहा है। वे पूर्व के वर्षों में इसी जिले में जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में एक लंबा और सफल कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और इसके उपरांत उन्हें प्रमंडलीय आयुक्त के रूप में भी इस पूरे प्रक्षेत्र की सांगठनिक कमान संभालने का समृद्ध अनुभव प्राप्त है।

​उन्होंने बताया कि लगभग 4 वर्षों के एक निश्चित समय चक्रव्यूह के बाद उन्हें पुनः भागलपुर प्रमंडल में सेवा करने का यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक अवसर प्राप्त हुआ है, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि वे यहाँ की भौगोलिक अवस्थिति, सामाजिक ताने-बाने और मुख्य विसंगतियों से कड़ाई से परिचित हैं, इसलिए यह पुराना व्यावहारिक अनुभव संपूर्ण प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले विकासात्मक कार्यों को एक नई, पारदर्शी और तीव्र गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता: विक्रमशिला पुल संकट और सड़कों का संरेखण

​शहरी अवसंरचना और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने भागलपुर की सबसे बड़ी और वीभत्स समस्या यानी ट्रैफिक जाम के मकड़जाल को अपनी कार्ययोजना की सर्वोच्च विधिक प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने इस बात को पूरी कड़ाई से स्वीकार किया कि भागलपुर के भीतर यातायात प्रबंधन की पुरानी विसंगतियां और वर्तमान समय में विक्रमशिला महासेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण उत्पन्न हुई अभूतपूर्व परिस्थितियां आम जनता के दैनिक जीवन और आर्थिक गलियारों के लिए एक बहुत बड़ी सामाजिक प्रताड़ना बन चुकी हैं।

​उन्होंने दृढ़ता के साथ एलान किया कि पुल की इस वर्तमान अवस्थिति को जल्द से जल्द दुरुस्त कराना और प्रक्षेत्र में सुगम यातायात व्यवस्था को बहाल करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क संपर्क को लेकर बिहार सरकार की दीर्घकालिक और दूरगामी नीतियों को साझा करते हुए बताया कि सूबे के शासन का यह मुख्य लक्ष्य रहा है कि बिहार के किसी भी सुदूर कोने या जिला मुख्यालय से प्रस्थान करने के बाद कोई भी नागरिक अधिकतम 5 घंटे की समय-सीमा के भीतर राजधानी पटना तक की अपनी विधिक यात्रा पूरी कर सके। इस विजन को धरातल पर शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराया जा रहा है। प्रमंडल के अंतर्गत जितने भी महत्वपूर्ण प्रादेशिक राजमार्ग और संपर्क पथ वर्तमान में निर्माणाधीन हैं, उन सभी के निर्माण कार्य को एक निश्चित टाइमलाइन के भीतर पूरी कड़ाई से मुकम्मल कराया जाएगा।

विकासात्मक और राजस्व योजनाओं का सामान्य पर्यवेक्षण: जिलाधिकारियों के कार्यों की सराहना

​प्रमंडलीय आयुक्त के विधिक उत्तरदायित्वों और सांगठनिक अधिकारों को स्पष्ट करते हुए प्रेम सिंह मीणा ने बताया कि कमिशनर के स्तर से प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के प्रशासनिक कार्यों, लोक कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व मामलों का सामान्य पर्यवेक्षण (सुपरविजन) कड़े नियमों के तहत किया जाता है। वे प्रमंडल के सभी विभावों के भीतर चल रही केंद्रीय और राज्य स्तरीय विकासात्मक परियोजनाओं का समय-समय पर भौतिक और वित्तीय ऑडिट संधारित करेंगे।

​उन्होंने वर्तमान प्रशासनिक संतुलन की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि भागलपुर और बांका दोनों ही जिलों में विकास कार्य अत्यंत बेहतर और पारदर्शी ढंग से संचालित हो रहे हैं तथा दोनों जिलों के जिलाधिकारी सराहनीय व न्यायप्रिय कार्य कर रहे हैं। आयुक्त ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित की जा रही सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशनों, भूमि रिकॉर्ड्स के पूर्ण डिजिटलीकरण और आधारभूत अवसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को बिना किसी मानवीय या लिपिकीय लापरवाही के निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना उनका सर्वोच्च विधिक दायित्व होगा।

पदभार संभालते ही ग्राउंड पर उतरे कमिश्नर: बेली ब्रिज निर्माण कार्य का सघन निरीक्षण

​कार्यालयी औपचारिकताओं और प्रेस विमर्श के संपन्न होते ही नए प्रमंडलीय आयुक्त बिना कोई व्यावहारिक समय गंवाए सीधे एक्शन मोड में नजर आए। वे फाइलों के विन्यास में उलझने के बजाय सीधे जमीनी हकीकत को परखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और सिटी एसपी के साथ भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के मुख्य मुहाने पर पहुंचे। वहाँ उन्होंने पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हुए कंक्रीट स्लैब के स्थान पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की देखरेख में युद्धस्तर पर चलाए जा रहे बेली ब्रिज (Bailey Bridge) निर्माण कार्य का अत्यंत सघन भौतिक अवलोकन किया।

​इस ऑन-स्पॉट निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और तकनीकी इंजीनियरों ने कमिशनर को लोहे के गर्डर्स की असेंबलिंग, गर्डर लॉन्चिंग की प्रविष्टि, बेस की मजबूती और सुरक्षा मानकों से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की विस्तृत बिंदुवार जानकारी दी। आयुक्त ने निर्माण स्थल पर तैनात कमांडरों और अभियंताओं को कड़े निर्देश जारी किए कि निर्माण कार्य की गति को और अधिक प्रखर किया जाए ताकि भागलपुर से नवगछिया और खगड़िया के बीच ठप पड़े आवागमन को अत्यंत अल्प समय के भीतर हल्के वाहनों और आपातकालीन एंबुलेंसों के लिए विधिक रूप से लाइव किया जा सके।

बरारी घाट पर नाव परिचालन मार्ग, स्वास्थ्य शिविर और जीविका दीदियों के स्टॉल का अवलोकन

​विक्रमशिला सेतु पर निरीक्षण के तुरंत बाद प्रमंडलीय आयुक्त का काफिला बरारी घाट प्रक्षेत्र की ओर अग्रसारित हुआ, जो वर्तमान समय में पुल बंद होने के कारण उत्तर और दक्षिण बिहार के यात्रियों की आवाजाही और ठहराव का सबसे मुख्य वैकल्पिक नदी गलियारा बना हुआ है। आयुक्त ने बरारी घाट पर नाव परिचालन मार्ग का सघन निरीक्षण किया और नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ाई से परखा। उन्होंने घाट पर कानून-व्यवस्था को संधारित करने के लिए प्रतिनियुक्त पुलिस गश्ती दलों और मजिस्ट्रेटों को आवश्यक निर्देश दिए कि यात्रियों से किसी भी प्रकार की अवैध वित्तीय उगाही या ओवरलोडिंग की विसंगति नहीं होनी चाहिए।

​इसके समानांतर, जिला प्रशासन द्वारा पीड़ित और थके हुए मुसाफिरों की सुविधा के लिए घाट परिसर में की गई मानवीय व्यवस्थाओं का भी आयुक्त ने बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने घाट पर स्थापित विशेष स्वास्थ्य शिविर (मेडिकल कैंप) का निरीक्षण किया, जहां डॉक्टरों और जीवन रक्षक औषधियों के भंडारण को परखा गया ताकि धूप और उमस से बीमार होने वाले यात्रियों को ऑन-स्पॉट इलाज मिल सके। इसके बाद वे पूरी आत्मीयता के साथ जीविका दीदियों द्वारा यात्रियों के भोजन और जलपान के लिए लगाए गए विशेष फूड स्टॉल पर पहुंचे, जहां उन्होंने तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता के मानकों और दरों की विधिक समीक्षा की तथा जीविका दीदियों के इस स्वावलंबी प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। इस पूरे उच्चस्तरीय और कड़े प्रशासनिक दौरे के दौरान आयुक्त के सचिव विनोद कुमार सिंह, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी अनिल कुमार राय तथा प्रमंडलीय जन-संपर्क इकाई के संयुक्त निदेशक नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित विभिन्न संबंधित विभागों के आला नीतिगत अधिकारी पूरी कड़ाई और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ मौके पर उपस्थित रहे।

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