
भागलपुर: जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा को लेकर सोमवार को समीक्षा भवन में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में जिले के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री तथा भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की। बैठक में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र भी मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि, विधायक, नगर निगम के पदाधिकारी, जिला परिषद प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना, विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार करना था।
पारंपरिक स्वागत के साथ हुई बैठक की शुरुआत
समीक्षा भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने पहुंचे दोनों मंत्रियों का जिला प्रशासन की ओर से स्वागत किया गया। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
बैठक में जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम की महापौर, उपमहापौर, जिला परिषद अध्यक्ष, विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्वागत कार्यक्रम के बाद बैठक की औपचारिक शुरुआत हुई, जहां विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए विस्तृत एजेंडा प्रस्तुत किया गया।
विकास योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान जिले में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों से संबंधित कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और बताया कि किन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है तथा किन योजनाओं पर अभी कार्य जारी है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से उन योजनाओं की समीक्षा की जिनका सीधा संबंध आम लोगों से है।
बैठक में सड़क निर्माण, शहरी विकास, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आवास, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।
जनप्रतिनिधियों से लिया गया फीडबैक
बैठक की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें मौजूद जनप्रतिनिधियों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।
विधायकों, स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को बैठक में रखा। उन्होंने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों, स्थानीय आवश्यकताओं और लंबित कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कई जनप्रतिनिधियों ने सड़क, जल निकासी, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। मंत्री ने इन सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार विकास योजनाओं की नियमित निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी से जनता को परेशानी होती है और विकास की गति प्रभावित होती है। इसलिए सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों की नियमित निगरानी करनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जल्द होगी अगली समीक्षा बैठक
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि वर्तमान बैठक में लिए गए निर्णयों और दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है। यह भी जरूरी है कि यह देखा जाए कि निर्देशों का पालन किस स्तर तक हुआ है और जमीनी स्तर पर उसका क्या प्रभाव पड़ा है।
इसलिए भविष्य में होने वाली बैठकों में विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
भागलपुर के विकास को लेकर सरकार गंभीर
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि भागलपुर बिहार के प्रमुख शहरों में शामिल है और सरकार इसके विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भागलपुर की ऐतिहासिक, शैक्षणिक और आर्थिक पहचान को ध्यान में रखते हुए यहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
सरकार का प्रयास है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए ताकि सभी वर्गों को इसका लाभ मिल सके।
आधारभूत संरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान
बैठक में आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई।
पथ निर्माण, नगर विकास, जलापूर्ति, सड़क मरम्मत, पुल-पुलिया निर्माण और शहरी सुविधाओं के विस्तार से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी जिले के विकास की आधारशिला होती हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान यह भी दोहराया गया कि सरकार की सभी योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं के लाभार्थियों तक समय पर सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी
करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार भागलपुर में विकास कार्यों की गति को और तेज करने के लिए गंभीर हैं।
विभिन्न विभागों की समीक्षा, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव और अधिकारियों को दिए गए निर्देश आने वाले समय में जिले के विकास कार्यों को नई दिशा दे सकते हैं।
सरकार को उम्मीद है कि नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और समन्वित प्रयासों के माध्यम से भागलपुर में चल रही योजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक के समापन पर मंत्री ने सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की और कहा कि भागलपुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।


