भागलपुर। पीरपैंती प्रखंड के कई गांवों में डायरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी उतरते ही बीमारी का प्रकोप तेजी से बढ़ा है। अब तक पांच बच्चे डायरिया से ग्रसित पाए गए हैं, जबकि दो मासूम बच्चियों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
गौरीपुर गांव में सबसे ज्यादा असर
राजगांव पंचायत के गौरीपुर गांव में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां 20 से 25 लोग बीमार हैं। इसी गांव में डायरिया से दो बच्चियों की मौत हुई है।
- मृतकों की पहचान गणेश तुरी की पुत्री भारती कुमारी और मुन्ना तुरी की पुत्री निशा कुमारी के रूप में हुई है।
- वहीं मुन्ना तुरी का बेटा कपिल तुरी गंभीर रूप से बीमार है और उसे रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मेडिकल टीम गांव में पहुंची
गांव के लोगों ने इस घटना की सूचना पूर्व विधायक अमन कुमार को दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने रेफरल अस्पताल प्रबंधन से बात कर तत्काल मेडिकल टीम गांव भेजने का निर्देश दिया। टीम ने गांव पहुंचकर बीमार लोगों की पहचान की और उनका उपचार शुरू किया।
कमालपुर गांव भी प्रभावित
इसी बीच, कमालपुर गांव में भी डायरिया ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है।
- यहां पिंटू मंडल का बेटा आशीष कुमार और रामविलास मंडल की पुत्री निक्की कुमारी डायरिया से पीड़ित हैं।
- दोनों को रेफरल अस्पताल में भर्ती किया गया है और आपातकालीन सेवा में उनका इलाज चल रहा है।
चिकित्सकों की अपील
रेफरल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि वर्तमान में तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत पहले से बेहतर है। उन्होंने कहा कि डायरिया का मुख्य कारण गंदा पानी पीना और अस्वच्छ भोजन करना है।
परिजनों और ग्रामीणों की मांग
मृत बच्ची भारती की मां सुनीता देवी ने बताया कि बेटी अचानक पेट दर्द और उल्टी-दस्त से बीमार हो गई थी। पहले गांव के डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गांव में दवाइयों का छिड़काव, स्वच्छ पेयजल और मेडिकल कैंप की व्यवस्था तत्काल की जाए, ताकि बीमारी और न फैले।


