
भागलपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना भागलपुर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसने एक महिला के बैंक खाते से अवैध रूप से 1 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशानुसार साइबर अपराध से जुड़े मामलों में लगातार तकनीकी विश्लेषण और छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में साइबर थाना भागलपुर को एक लिखित आवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें पीड़िता रिंकू देवी, पति स्वर्गीय गंगा साह, निवासी सनहौला थाना क्षेत्र, जिला भागलपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1,54,000 रुपये निकाल लिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर थाना में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कांड संख्या 49/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने साइबर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी। SSP भागलपुर के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में तथा पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स और संबंधित वेबसाइटों की तकनीकी जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि इस साइबर ठगी कांड में शामिल एक आरोपी बरारी थाना क्षेत्र के बागबाड़ी महेशपुर इलाके में सक्रिय है।
सूचना मिलते ही गठित टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी बिट्टू, पिता स्वर्गीय ललन सिंह, निवासी बागबाड़ी महेशपुर, थाना बरारी, जिला भागलपुर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस का मानना है कि यह आरोपी किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

भागलपुर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कभी फर्जी कॉल, कभी बैंक अधिकारी बनकर OTP मांगना, तो कभी KYC अपडेट कराने के नाम पर लोगों से निजी जानकारी हासिल कर खाते खाली कर दिए जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल्स, OTP, ATM PIN या पासवर्ड साझा न करें। किसी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। यदि कोई साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
इस पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना भागलपुर की टीम की अहम भूमिका रही। छापेमारी दल में पुअनि ऋतु कुमारी (अनुसंधानकर्ता), पुअनि रामकृष्ण, पुअनि प्रशांत कुमार और सिपाही कमल किशोर यादव शामिल थे। वहीं तकनीकी टीम में पुअनि सन्नी कुमार, सिपाही धर्मेंद्र कुमार और सिपाही अमरेश कुमार राज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने दोहराया कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, तकनीकी जांच और मजबूत रणनीति के जरिए उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन लेनदेन के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद आवश्यक हो गई है। छोटी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।
भागलपुर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों की सुरक्षा और सेवा के लिए वह हर समय तत्पर है। आने वाले दिनों में साइबर अपराध पर और अधिक सख्ती बरती जाएगी तथा जागरूकता अभियान भी तेज किए जाएंगे, ताकि लोग ठगी से बच सकें।


