​भागलपुर के जुर्म की दुनिया में बड़ी हलचल: कुख्यात इमरान मुर्गा जीआरपी की गिरफ्त में, नाढ़ा मियां के 19 गुर्गों का कच्चा चिट्ठा उजागर

भागलपुर। रेशमी शहर भागलपुर में अपराध और अपराधियों के गठजोड़ पर प्रहार करते हुए रेल पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर के कुख्यात बदमाशों की सूची में शामिल इमरान उर्फ मुर्गा अब सलाखों के पीछे है। विशेष कार्य बल (STF) के सहयोग से की गई इस कार्रवाई ने न केवल एक शातिर अपराधी को दबोचा है, बल्कि भागलपुर और उसके आसपास के रेल मार्गों पर सक्रिय ‘नाढ़ा मियां’ गिरोह की कमर भी तोड़ दी है। 19 अप्रैल 2026 की सुबह यह खबर शहर के मोजाहिदपुर, हबीबपुर और तातारपुर जैसे इलाकों में चर्चा का विषय बनी रही। इमरान उर्फ मुर्गा की गिरफ्तारी उस समय हुई जब पुलिस मार्च महीने में हुए हथियारों के जखीरे की बरामदगी मामले में उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान इमरान ने जो राज उगले हैं, उसने पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया है। उसने न केवल अपने पुराने साथी नाढ़ा मियां के 19 सक्रिय गुर्गों के नाम उजागर किए हैं, बल्कि उनके चेहरे भी पुलिस को सौंप दिए हैं। यह गिरफ्तारी भागलपुर में संगठित अपराध और चलती ट्रेनों में होने वाली लूटपाट के सिंडिकेट को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

11 मार्च की वह बड़ी कार्रवाई और बरामदगी का जखीरा

​इमरान उर्फ मुर्गा की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि 11 मार्च 2026 को हुई उस बड़ी छापेमारी से जुड़ी है, जिसने भागलपुर रेल पुलिस की मुस्तैदी को साबित किया था। रेल एसपी के नेतृत्व में मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न ठिकानों पर की गई उस कार्रवाई में पुलिस को अपराधियों के अड्डों से हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला था। तलाशी के दौरान पुलिस ने चार कट्टा, दो अत्याधुनिक पिस्टल, चार मैगजीन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा, यात्रियों से लूटे गए 50 मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, टैब और तीन ट्रॉली बैग भी मिले थे।

​इस बरामदगी के बाद ही जीआरपी थाने में इमरान उर्फ मुर्गा और नाढ़ा मियां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि ट्रेनों में छिनतई और चोरी करने वाला यह गिरोह मोजाहिदपुर इलाके को अपना सुरक्षित ठिकाना मानता है। तभी से इमरान पुलिस की रडार पर था। जीआरपी थानेदार इंस्पेक्टर नसीम अहमद ने बताया कि एसटीएफ के साथ तालमेल बिठाकर जाल बिछाया गया और अंततः इमरान को दबोच लिया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है, लेकिन उसके द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर अब पुलिस की अगली कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है।

नाढ़ा मियां के ’19 सिपहसालार’: इमरान ने खोली पूरी कुंडली

​गिरफ्तारी के बाद जब जीआरपी ने इमरान उर्फ मुर्गा से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने पुराने आका नाढ़ा मियां के गिरोह के उन 19 सदस्यों के नाम बताए जो वर्तमान में शहर में अपराध की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इमरान ने न केवल नाम बताए, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि कौन सा अपराधी किस इलाके में सक्रिय रहता है। पुलिस अब इन सभी नामों का भौतिक सत्यापन कर रही है।

इमरान मुर्गा द्वारा उजागर किए गए 19 बदमाशों की सूची:

क्रमांक

अपराधी का नाम

इलाका/पता

1

मो. लालू उर्फ समीर

सदरुद्दीनचक, हबीबपुर

2

फैसल

हबीबपुर

3

लाल उर्फ अंग्रेज

हबीबपुर

4

साजा

हुसैनपुर, मोजाहिदपुर

5

फुच्चो उर्फ तौसीर

हुसैनपुर, मोजाहिदपुर

6

सौफी

हुसैनपुर, मोजाहिदपुर

7

शाहरूख

शाहबाजनगर

8

विक्की

मौलानाचक

9

बाबर

शाहबाजनगर

10

रफीक

असानंदपुर

11

कामरान उर्फ कौआ

तातारपुर

12

मो. कैफी

दाउदचक, हबीबपुर

13

इम्तियाज

हबीबपुर

14

लड्डन

शाहबाजनगर

15

सागीर

पाकीजा चौक

16

भोलू उर्फ अलीशेर

मोहद्दीनगर

17

इस्माइल

हबीबपुर

18

मो. आफताब

शाहजंगी

19

नाढ़ा मियां (सरगना)

वर्तमान में अज्ञात (बाहर से सक्रिय)

इन नामों के सामने आने के बाद हबीबपुर और मोजाहिदपुर इलाके में संदिग्धों पर पुलिस की पैनी नजर है। इंस्पेक्टर नसीम अहमद ने बताया कि इन अपराधियों के फोटो भी साझा किए गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना अब आसान हो गया है।

इमरान ख्वाजा हत्याकांड और दो गैंगस्टरों की ‘तलाक’ की कहानी

​पूछताछ के दौरान इमरान मुर्गा ने एक महत्वपूर्ण खुलासा यह किया कि वह पहले नाढ़ा मियां का दाहिना हाथ हुआ करता था। लेकिन 15 अप्रैल 2024 की वह रात, जब हबीबपुर थाना क्षेत्र में इमरान ख्वाजा की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, उसके बाद इमरान और नाढ़ा के बीच दरार आ गई। इमरान मुर्गा ने बताया कि उस जघन्य हत्याकांड के बाद उपजी परिस्थितियों और आपसी मतभेदों के कारण वह नाढ़ा से अलग हो गया।

​अलग होने के बाद नाढ़ा मियां ने अपना स्वतंत्र गिरोह खड़ा किया, जो मुख्य रूप से चलती ट्रेनों में मोबाइल स्नैचिंग, बैग लिफ्टिंग और यात्रियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटने का काम करने लगा। इमरान ने यह भी बताया कि नाढ़ा का गिरोह अब केवल चोरी और लूट तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने नशीले पदार्थों के काले कारोबार में भी पैर जमा लिए हैं। भागलपुर के युवाओं के बीच ब्राउन शुगर और गांजा की तस्करी में इस गिरोह की बड़ी संलिप्तता बताई गई है। यह जानकारी पुलिस के लिए बेहद संवेदनशील है क्योंकि शहर में बढ़ती नशे की लत के पीछे ऐसे ही गिरोहों का हाथ माना जा रहा है।

नागपुर और नासिक से ‘रिमोट कंट्रोल’ पर चल रहा गिरोह

​इमरान मुर्गा ने पुलिस को बताया कि कुख्यात नाढ़ा मियां अब भागलपुर में रहकर नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के नागपुर और नासिक जैसे शहरों में छिपकर अपना नेटवर्क चला रहा है। वह एक ‘रिमोट कंट्रोल’ अपराधी की तरह काम कर रहा है। वह महीनों तक बिहार से बाहर रहता है और वहीं से अपने गुर्गों को निर्देश देता है। नाढ़ा के गुर्गे भागलपुर और आसपास के रेल खंडों पर यात्रियों से लूटपाट करते हैं और कमीशन काटकर पैसे नाढ़ा तक पहुँचा देते हैं।

​कभी-कभी जब पुलिस की दबिश कम होती है, तो नाढ़ा गुपचुप तरीके से शहर आता है और नई वारदातों की योजना बनाकर वापस भाग जाता है। इमरान ने यह भी बताया कि नाढ़ा के गुर्गे इतने संगठित हैं कि वे पकड़े जाने पर एक-दूसरे की कानूनी मदद भी करते हैं। जीआरपी अब महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क साधने की योजना बना रही है ताकि नाढ़ा की सही लोकेशन को ट्रैक किया जा सके। भागलपुर रेल पुलिस के लिए नाढ़ा की गिरफ्तारी अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि उसके पास हथियारों और स्लीपर सेल का एक बड़ा नेटवर्क है।

ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा और पुलिस का अगला कदम

​11 मार्च की छापेमारी उस समय हुई थी जब एक महिला यात्री के गले से चलती ट्रेन में सोने की चेन छीनी गई थी। उस एक घटना की जांच करते हुए जीआरपी और आरपीएफ की टीम मोजाहिदपुर के हुसैनपुर और शाहबाजनगर जैसे इलाकों में पहुँची थी, जहाँ उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा हथियारों का जखीरा मिला था। बरामद किए गए गड़ासा, दबिया और चाकू इस बात के गवाह थे कि यह गिरोह केवल चोरी नहीं करता, बल्कि विरोध करने पर यात्रियों की जान लेने से भी गुरेज नहीं करता।

​थानेदार नसीम अहमद ने स्पष्ट किया कि इमरान उर्फ मुर्गा की जेल रवानगी के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान उन 19 बदमाशों पर है जिनके नाम उजागर हुए हैं। पुलिस ने इन इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों के घरों पर दबिश दी जा रही है। इमरान मुर्गा का जेल जाना नाढ़ा गिरोह के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि इमरान को गिरोह की हर नस का पता था। पुलिस को उम्मीद है कि इमरान द्वारा साझा किए गए डिजिटल साक्ष्य और फोटो के आधार पर आने वाले हफ्तों में कई और गिरफ्तारियां होंगी, जिससे भागलपुर रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल खंडों पर यात्रा करने वाले लोग खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।

  • ये भी पढ़े..

    कटिहार रेलवे स्टेशन पर बवाल: राजधानी एक्सप्रेस के आगे ट्रैक पर उतरे परीक्षार्थी, सरकार और रेलवे के खिलाफ नारेबाजी

    Share Add as a preferred…

    विक्रमशिला पुल पर मालवाहक वाहनों के वायरल वीडियो में जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

    Share Add as a preferred…