
भागलपुर | 26 फरवरी, 2026: भागलपुर की अदालत ने शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत सुनवाई करते हुए एक अपराधी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। नाथनगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने अवैध हथियार रखने और कानून का उल्लंघन करने के आरोप में मोहम्मद शाहरुख को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया है।
अदालत का फैसला: कठोर कारावास और भारी जुर्माना
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JM-1st Class), भागलपुर श्री अंबुज कुमार दुबे की अदालत ने गुरुवार को नाथनगर थाना कांड संख्या– 725/22 (जी.आर. संख्या– 4345/22) पर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मोहम्मद शाहरुख को दो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है:
- धारा 25(1-b)a शस्त्र अधिनियम: इस धारा के तहत अभियुक्त को 03 वर्ष का कठोर कारावास और ₹500 जुर्माने की सजा मिली है।
- धारा 26 शस्त्र अधिनियम: इसमें भी कोर्ट ने 03 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का आर्थिक दंड लगाया है।
जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी जेल की मियाद
माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अभियुक्त जुर्माने की कुल राशि अदा करने में विफल रहता है, तो उसे 03 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों के कारण ढाई साल पुराने इस मामले में न्याय की जीत हुई है।
यह फैसला जिले में अवैध हथियार रखने और अपराध की योजना बनाने वाले तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। भागलपुर पुलिस ने इस सजा के बाद अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए पुलिस और विधि विभाग निरंतर कार्य कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


