
द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर (19 फरवरी 2026)
भागलपुर पुलिस के प्रभावी अनुसंधान और न्यायालय में साक्ष्यों के मजबूत प्रस्तुतीकरण का परिणाम अब दिखने लगा है। जिला पुलिस की सक्रियता से वर्षों पुराने मामलों में दोषियों को सजा मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। ताजा फैसलों में, माननीय न्यायालय ने लोदीपुर और जगदीशपुर थाना क्षेत्रों के दो अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को आर्थिक दंड और कारावास की सजा सुनाई है।
1. लोदीपुर कांड: 19 फरवरी को उमेश साह को मिली सजा
लोदीपुर थाना कांड संख्या 09/21 (जी.आर. नं. 201/21) में अभियुक्त उमेश साह को न्यायालय ने दोषी पाया है।
- न्यायालय का आदेश: एसीजेएम-IX, भागलपुर द्वारा दिनांक 19.02.2026 को सजा का एलान किया गया।
- सजा का विवरण:
- धारा 279 (भा०द०वि०): लापरवाही से वाहन चलाने के लिए ₹200 का जुर्माना लगाया गया।
- धारा 304(ए) (भा०द०वि०): लापरवाही से हुई मृत्यु के मामले में ₹800 का अर्थदंड सुनाया गया।
- महत्वपूर्ण: यदि दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे 6 माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
2. जगदीशपुर कांड: 18 फरवरी को मो. सब्बीर दोषी करार
एक अन्य मामले, जगदीशपुर थाना कांड संख्या 168/15 (जी.आर. नं. 3555/15) में भी पुलिस को बड़ी न्यायिक सफलता हाथ लगी है।
- न्यायिक दंड: श्रीमती सदफ मुस्तफा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने अभियुक्त मो. सब्बीर को दंडित किया।
- जुर्माने का ब्यौरा:
- धारा 279: ₹100 का आर्थिक दंड।
- धारा 337 और 338: इन धाराओं के तहत क्रमशः ₹200 और ₹200 का जुर्माना लगाया गया।
- धारा 304(ए): इस गंभीर आरोप के लिए ₹1000 का जुर्माना सुनाया गया।
- प्रावधान: अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में अभियुक्त को 20 दिनों का साधारण कारावास होगा।
पुलिस की सक्रियता का परिणाम
इन सजाओं को भागलपुर पुलिस के प्रभावी अनुसंधान और साक्ष्य संकलन की जीत के रूप में देखा जा रहा है। जिला पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे हर मामले को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि समाज में न्याय की स्थापना हो सके।


