
भागलपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भागलपुर दौरे के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने करीब 302 करोड़ रुपये की लागत से तैयार और प्रस्तावित 84 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर स्थित ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के समीप बनाए जा रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं की स्थिति का आकलन किया और कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री का भागलपुर आगमन प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दौरे को लेकर सुबह से ही जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों में सक्रियता देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
भागलपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण, भवन निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल थीं। इन विकास योजनाओं का उद्देश्य जिले में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना बताया गया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार जिन 84 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, वे आने वाले वर्षों में भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी उद्देश्य के साथ लगातार नई योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।
विकास कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री सीधे विक्रमशिला सेतु पहुंचे, जहां उन्होंने सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विक्रमशिला सेतु केवल भागलपुर ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी बिहार के लिए जीवनरेखा की तरह है। ऐसे में सरकार इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि पुल के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बेली ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री समीक्षा भवन पहुंचे, जहां उन्होंने जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति और विभिन्न विभागों के लंबित मामलों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पुल के निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई गई है तथा 30 नवंबर तक इसका सुपर स्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा होगा और इसके बाद वे स्वयं भागलपुर पहुंचकर पुल का उद्घाटन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, लेकिन सरकार लगातार वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक बेली ब्रिज पूरी तरह चालू नहीं हो जाता और सामान्य आवागमन बहाल नहीं हो जाता, तब तक बिहार सरकार की ओर से मुफ्त नाव सेवा जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गंगा नदी पार करने के लिए बड़ी संख्या में लोग नावों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आम लोगों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। निशुल्क नाव सेवा का उद्देश्य लोगों को राहत देना और उनकी दैनिक जरूरतों को प्रभावित होने से बचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे पुल निर्माण का कार्य हो या वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था, सरकार हर स्तर पर निगरानी कर रही है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नाव सेवा और अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और उत्तर बिहार के कई जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सेतु में आई तकनीकी समस्या के बाद हजारों लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा की गई नई घोषणा ने स्थानीय लोगों के बीच उम्मीद जगाई है। लोगों को विश्वास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा होने पर आवागमन की समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। विकास योजनाओं को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया और कई लोगों ने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले की तस्वीर बदलेगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना और उन्हें समय पर पूरा कराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करना भी था। विशेष रूप से विक्रमशिला सेतु को लेकर सरकार की गंभीरता इस दौरे में साफ दिखाई दी।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भागलपुर दौरा विकास, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 302 करोड़ रुपये की 84 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास, विक्रमशिला सेतु निर्माण कार्य की समीक्षा तथा 30 नवंबर तक पुल का सुपर स्ट्रक्चर तैयार होने की घोषणा ने जिले के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। अब लोगों की निगाहें सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।


