
भागलपुर: भागलपुर जिले के सजौर थाना क्षेत्र अंतर्गत हसनपुर गांव में एक 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो जाने के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान हसनपुर गांव निवासी मनोज बिंद की पुत्री अंजनी कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार अंजनी पढ़ाई में काफी होनहार थी और आगे की शिक्षा को लेकर बड़े सपने देख रही थी। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सामान्य दिन के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार का दिन पूरी तरह सामान्य था। अंजनी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थी और घर के अन्य सदस्यों की तरह सामान्य दिनचर्या का पालन कर रही थी। शाम के समय उसने घर में भोजन तैयार किया और परिवार के सभी सदस्यों को खाना खिलाया।
बताया जा रहा है कि उसने अपने पिता को भी अपने हाथों से भोजन परोसा और घर के अन्य कामों को भी पूरा किया। उस समय तक उसकी तबीयत में किसी प्रकार की कोई परेशानी दिखाई नहीं दे रही थी। परिवार के लोगों के अनुसार वह बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रही थी और किसी बीमारी की शिकायत भी नहीं कर रही थी।
लेकिन रात के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। पहले तो परिवार वालों ने इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उसकी हालत गंभीर होने लगी।
इलाज के लिए निकले, लेकिन रास्ते में हो गई मौत
अंजनी की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजनों ने बिना देर किए उसे डॉक्टर के पास ले जाने का फैसला किया। परिवार के सदस्य उसे लेकर तत्काल घर से निकले और इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र की ओर रवाना हुए।
परिजनों के अनुसार जैसे-जैसे वे आगे बढ़ रहे थे, छात्रा की स्थिति और खराब होती जा रही थी। करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित दरियापुर बाजार पहुंचने तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
इसी दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेटी को खो देने का दुख परिजनों के लिए असहनीय था।
छात्रा की मौत के बाद परिजन उसे वापस घर लेकर आ गए, जहां कुछ ही देर में पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी स्थानीय स्तर पर फैलने के बाद किसी व्यक्ति ने डायल-112 पुलिस सेवा को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम हसनपुर गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा परिजनों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
परिवार की होनहार बेटी थी अंजनी
परिवार के सदस्यों के अनुसार अंजनी पढ़ाई में काफी अच्छी थी और भविष्य को लेकर उसके कई सपने थे। वह 12वीं कक्षा की छात्रा थी और आगे स्नातक में नामांकन कराने की तैयारी कर रही थी।
परिजनों का कहना है कि वह शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर थी और हमेशा बेहतर भविष्य के बारे में सोचती रहती थी। परिवार को भी उससे काफी उम्मीदें थीं।
मृतका के बड़े पिता चुनचुन बिंद ने बताया कि अंजनी परिवार में दो बहनों और दो भाइयों के बीच तीसरे नंबर पर थी। वह स्वभाव से शांत, जिम्मेदार और मेहनती थी। घर के कामों में भी वह परिवार का पूरा सहयोग करती थी।
उन्होंने बताया कि परिवार में किसी ने कभी नहीं सोचा था कि इतनी कम उम्र में इस तरह अचानक उसकी मौत हो जाएगी।
पहले कभी नहीं हुई थी गंभीर स्वास्थ्य शिकायत
परिजनों के अनुसार अंजनी को पहले कभी किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं रही थी। खास तौर पर पेट दर्द जैसी कोई गंभीर समस्या पहले सामने नहीं आई थी।
यही कारण है कि अचानक तेज दर्द उठने और कुछ ही समय के भीतर उसकी मौत हो जाने से परिवार के लोग हैरान हैं। उनके लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि आखिर कुछ घंटों के भीतर ऐसा क्या हुआ जिससे एक स्वस्थ दिखने वाली छात्रा की जान चली गई।
परिवार के सदस्य लगातार यही सवाल उठा रहे हैं कि यदि समय रहते बीमारी का कारण पता चल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
गांव में चर्चा का विषय बनी घटना
छात्रा की मौत के बाद हसनपुर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अचानक हुई इस घटना ने ग्रामीणों को भी हैरान कर दिया है।
गांव के लोगों का कहना है कि अंजनी को उन्होंने उसी दिन सामान्य रूप से देखा था। ऐसे में उसकी अचानक मौत की खबर पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार वह एक मिलनसार और पढ़ाई में रुचि रखने वाली छात्रा थी। उसकी असमय मौत ने पूरे गांव को दुखी कर दिया है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मृतका के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास किया। हालांकि परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू पोस्टमार्टम रिपोर्ट को माना जा रहा है। चिकित्सकीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत किस कारण से हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक पेट दर्द के बाद हुई मौत के पीछे कई चिकित्सकीय कारण हो सकते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति केवल पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही सामने आएगी।
पुलिस जांच जारी
मामले को लेकर सजौर थाना पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं पर नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अधिकारियों द्वारा परिजनों और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही चिकित्सकीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।
फिलहाल हसनपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग अपनी होनहार बेटी को खोने के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। वहीं पूरे इलाके की निगाहें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर 17 वर्षीय छात्रा की अचानक हुई इस दर्दनाक मौत के पीछे क्या वजह थी।


