भागलपुर में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ऑटो की टक्कर से 12 वर्षीय बच्चे की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने किया सड़क जाम

भागलपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित सीएनजी ऑटो की चपेट में आने से 12 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद जहां परिवार में मातम का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना से गुस्साए परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग उठाई।

इस घटना के कारण कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। आक्रोशित लोगों ने नया बाजार चौक के समीप सड़क जाम कर दी और टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

सामान खरीदने निकला था बच्चा, रास्ते में हुई मौत

मृतक की पहचान टीएनबी कॉलेजिएट के समीप रहने वाले राजीव पासवान के 12 वर्षीय पुत्र अस्मित कुमार के रूप में हुई है। परिवार के लोगों के अनुसार अस्मित घर से किसी आवश्यक सामान की खरीदारी करने के लिए निकला था। उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चा सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे एक सीएनजी ऑटो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्चे को बचाने की कोशिश शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑटो काफी तेज गति में था और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसी वजह से यह हादसा हुआ।

चालक को पकड़कर लोगों ने की पिटाई

हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद चालक भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए चालक को भीड़ से बचाया और उसे हिरासत में ले लिया। साथ ही दुर्घटना में शामिल सीएनजी ऑटो को भी जब्त कर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल अस्मित कुमार को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले जाया गया। परिजन और स्थानीय लोग उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

परिवार के लोगों का कहना है कि अस्मित बेहद होनहार और मिलनसार बच्चा था। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मोहल्ले में पसरा मातम

हादसे की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास के लोग मृतक के घर पहुंचने लगे और परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास किया। लेकिन अपने मासूम बेटे को खोने का दुख परिवार के लिए असहनीय था।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अस्मित सभी के बीच प्रिय था। वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहता था। उसकी असमय मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ती तेज रफ्तार वाहनों की समस्या अब जानलेवा होती जा रही है और प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए।

मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग

बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजन और स्थानीय नागरिक रविवार को नया बाजार चौक पहुंच गए। वहां उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

लोगों का कहना था कि परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है और बच्चे की मौत के बाद उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को आगे बढ़कर परिवार की मदद करनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।

पुलिस ने संभाली स्थिति

सड़क जाम की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती रही। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लंबी बातचीत के बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया गया। हालांकि स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

परिजनों ने सुनाई आपबीती

मृतक की परिजन रीना देवी ने बताया कि परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि घर से सामान खरीदने निकला उनका बेटा वापस नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा कि हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी है।

वहीं परिजन रितेश कुमार ने प्रशासन से मांग की कि दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

मोहल्ला निवासी भूषण राव ने कहा कि शहर में कई जगहों पर तेज रफ्तार ऑटो और अन्य वाहन बिना किसी नियंत्रण के चल रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर शहर में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर ऑटो चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं और तेज गति से वाहन चलाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में वाहनों की गति नियंत्रित करने, नियमित जांच अभियान चलाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की आवश्यकता है। इसके अलावा स्कूलों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं अस्मित कुमार की मौत से दुखी परिवार न्याय और मुआवजे की उम्मीद लगाए प्रशासन की ओर देख रहा है।

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