- गैंगवार: सुल्तानगंज के शिवनंदनपुर में फिर गूंजी गोलियां; पुरानी रंजिश में अपराधियों ने कुख्यात मदन यादव को घेरकर मारी गोली, मायागंज रेफर।
- बदले की आग: 2010 में पिता की हत्या, 2013 में बेटे का कत्ल; मदन यादव ने कहा- केस उठाने की धमकी दे रहे थे विनोद और बहरा यादव, नहीं माना तो चला दी गोली।
- खूनी इतिहास: जमीन विवाद से शुरू हुई दुश्मनी अब तक ले चुकी है कई जान; गांव में तनाव, पुलिस कैंप कर रही है।
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/सुल्तानगंज)
भागलपुर (Bhagalpur) जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र (Sultanganj Police Station) स्थित शिवनंदनपुर गांव (Shivanandanpur Village) में आज फिर पुरानी रंजिश की आग भड़क उठी। अपराधियों ने एक हत्या के आरोपी और इलाके के कुख्यात शख्स मदन यादव (Madan Yadav) को घेरकर गोली मार दी। आनन-फानन में उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। गोली उसके दाहिने हाथ में लगी है।
केस उठाने का बना रहे थे दबाव
अस्पताल में घायल मदन यादव ने पुलिस को दिए बयान में हमले की वजह बताई है।
- आरोप: मदन का कहना है कि वर्ष 2013 में उसके बेटे की हत्या हुई थी। इस मामले में विनोद यादव, पिंटू उर्फ बहरा यादव, प्रदीप यादव, छोटू यादव और राजेश आरोपी हैं।
- धमकी: ये लोग लगातार उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे। जब उसने मना किया, तो आज उसे घेरकर गोली मार दी गई।
2010 से चल रहा है खून-खराबा
इस घटना की जड़े काफी गहरी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दो परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई है।
- 2010: जमीन विवाद में मदन यादव ने विनोद यादव के पिता राजेंद्र यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
- 2013: बदले की आग में जल रहे विनोद यादव गुट ने मदन यादव के बेटे ब्रज बिहारी गौतम उर्फ बिट्टू यादव की बेरहमी से हत्या कर दी।
- ताजा विवाद: बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में मदन यादव द्वारा विनोद यादव के घर पर पत्थरबाजी की जा रही थी, जिससे तनाव चरम पर था।
पुलिस छावनी बना गांव
घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज पुलिस मौके पर पहुंची।
- जांच: पुलिस ने घटनास्थल से खोखा (Empty Shell) बरामद किया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
- सुरक्षा: गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
बदले की यह भावना पीढ़ियों को बर्बाद कर रही है।


