भागलपुर और बांका में मौसम का बदला मिजाज, भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट; अगले 48 घंटे बेहद अहम

भागलपुर और बांका जिले के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दोनों जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव ने प्रशासन, किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में मौसम काफी अस्थिर बना रहेगा। कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 3 जून तक भागलपुर और बांका जिले में मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की संभावना नहीं है। बीच-बीच में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक भी हो सकती है, जिससे जलजमाव जैसी स्थितियां पैदा होने का खतरा है।

पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बादल और बारिश की स्थिति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में अब मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को सबसे संवेदनशील अवधि बताया है।

तेज हवाएं बढ़ा सकती हैं परेशानी

बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं भी लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज गति से चलने वाली हवाएं कमजोर ढांचों, बिजली के खंभों, पेड़ों और टिन शेड जैसी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

ग्रामीण इलाकों में तेज हवा के कारण कच्चे मकानों और अस्थायी निर्माणों को विशेष नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम खराब होने की स्थिति में घरों के भीतर सुरक्षित रहने की सलाह दी है।

वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत

बिहार में हर वर्ष वज्रपात की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। ऐसे में मौसम विभाग ने इस बार भी बिजली गिरने की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों ने कहा है कि गरज-चमक के दौरान खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।

यदि अचानक मौसम खराब हो जाए तो लोगों को तुरंत सुरक्षित भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग भी सीमित रखने की सलाह दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

तापमान में नहीं होगी अधिक बढ़ोतरी

लगातार बादल और बारिश की गतिविधियों के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ी वृद्धि की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा और बादलों की मौजूदगी के कारण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन उमस की स्थिति बनी रह सकती है। विशेष रूप से बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है।

आर्द्रता का स्तर रहेगा ऊंचा

पूर्वानुमान के मुताबिक सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 70 से 80 प्रतिशत तक रह सकती है। वहीं दोपहर के समय यह 40 से 50 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। हवा का रुख मुख्य रूप से पूर्वी दिशा की ओर रहेगा और इसकी सामान्य गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।

आर्द्रता का बढ़ा हुआ स्तर कृषि गतिविधियों पर भी प्रभाव डाल सकता है। कई फसलों में रोग और कीटों के प्रकोप की संभावना बढ़ सकती है, इसलिए किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए जारी की गई विशेष सलाह

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां फिलहाल सिंचाई कार्य रोक देना चाहिए। बारिश के दौरान अतिरिक्त सिंचाई से खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।

इसके अलावा किसानों को सलाह दी गई है कि वे खाद और कीटनाशकों का छिड़काव मौसम साफ होने के बाद ही करें। बारिश के दौरान किए गए छिड़काव का प्रभाव कम हो जाता है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

आम और लीची उत्पादकों की बढ़ी चिंता

भागलपुर और बांका क्षेत्र आम तथा लीची उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा, आंधी और बारिश के कारण बागवानी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से पेड़ों पर लगे कच्चे फल तेज हवाओं के कारण गिर सकते हैं।

फल उत्पादकों को अपने बागानों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत

खराब मौसम का प्रभाव सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पशुपालन पर भी पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि बारिश और आंधी के दौरान पशुओं को खुले स्थानों पर न छोड़ें।

मवेशियों को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधने से बचना चाहिए। साथ ही उनके लिए पर्याप्त चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मौसम संबंधी सूचनाओं पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटे भागलपुर और बांका के लिए मौसम की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यदि पूर्वानुमान के अनुसार भारी बारिश और तेज हवाएं चलती हैं, तो जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही किसी भी संभावित खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय साबित होगी।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को बड़ा फैसला: दोपहिया के बाद अब ऑटो, टेंपो और ट्रैक्टरों पर बढ़ेगी सख्ती; पीएसए ऐप (PSA App) से होगी रोजाना समीक्षा

    Share Add as a preferred…

    पटना हाईकोर्ट, सिविल कोर्ट और पुलिस मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला शातिर जयपुर से गिरफ्तार: विशेष जांच टीम (SIT) ने आरोपी अनिश कुमार वर्मा को दबोचा

    Share Add as a preferred…