भागलपुर | 21 फरवरी, 2026: जनता दल (यूनाइटेड) के सांगठनिक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में शनिवार को भागलपुर जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। पार्टी के अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का परिचय देते हुए बृजेश कुमार सिंह को सर्वसम्मति से सबौर प्रखंड अध्यक्ष के पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
इस चुनाव ने न केवल प्रखंड स्तर पर नेतृत्व की कमान सौंपी है, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का एक मजबूत संदेश भी दिया है।
पारदर्शी चुनाव और अनुभवी नेतृत्व
चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए पार्टी द्वारा विशेष सावधानी बरती गई। पूरी प्रक्रिया प्रेक्षक (Observer) नन्दन राय और मनोज कुमार मंडल की देखरेख में संपन्न हुई।
- सहमति का आधार: बैठक के दौरान सभी क्रियाशील सदस्यों ने संगठन की मजबूती पर चर्चा की। इसके बाद जब अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की बारी आई, तो सभी सदस्यों ने एक सुर में बृजेश कुमार सिंह के नाम का समर्थन किया।
- घोषणा: किसी अन्य नामांकन के न होने और सर्वसम्मति बनने के बाद प्रेक्षकों ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की, जिसका स्वागत कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास और तालियों के साथ किया।
बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का संकल्प
नवनिर्वाचित अध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा:
”मुझ पर जो भरोसा जताया गया है, मैं उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूँगा। मेरी प्राथमिकता संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाना, कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान दिलाना और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।”
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
बैठक में सबौर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के अध्यक्षों और सक्रिय सदस्यों ने भाग लिया। निर्वाचन की प्रक्रिया में अपनी सहमति दर्ज कराने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे:
- गोपाल श्रीवास्तव, अशोक यादव, सत्यनारायण सिंह
- हीरालाल मंडल, भैरव मंडल, मनोज मंडल
उपस्थित वक्ताओं ने विश्वास जताया कि बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सबौर प्रखंड में जदयू एक नई ऊर्जा के साथ उभरेगा और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहेगा।
निष्कर्ष: 2026 के मिशन की ओर बढ़ते कदम
इस संगठनात्मक चुनाव को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सर्वसम्मति से चयन होने के कारण पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी पर विराम लगा है और अब पूरा फोकस संगठन विस्तार और विकास के मुद्दों पर केंद्रित हो गया है।


