भागलपुर : फाल्गुनोत्सव 2026 में उमड़ा आस्था का सैलाब; हजारों भक्तों ने निकाली भव्य निशान शोभा यात्रा

भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: सिल्क सिटी भागलपुर आज पूरी तरह से भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। अवसर था पारंपरिक फाल्गुनोत्सव 2026 का, जहाँ मंदरोज़ा स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर भवन में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्याम भक्त मंडल और श्री श्याम भक्त मंडल न्यास द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव के पहले दिन शहर की सड़कें ‘जय श्री श्याम’ के जयकारों से गूंज उठीं।

गौशाला से मंदरोज़ा तक ‘निशान’ की कतारें

​उत्सव का मुख्य आकर्षण स्थानीय श्री गोशाला प्रांगण से निकलने वाली भव्य निशान शोभा यात्रा रही।

  • भक्तों का हुजूम: हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने हाथों में श्याम बाबा का ‘निशान’ (ध्वज) लेकर पदयात्रा की।
  • भक्तिमय माहौल: फूलों से सजे रथ पर सवार बाबा श्याम की छवि के पीछे भक्त भजनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया।
  • अनुशासन: हजारों की भीड़ के बावजूद पूरी यात्रा बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित रही, जिसमें जिला प्रशासन और स्वयंसेवकों का भरपूर सहयोग मिला।

संध्या आरती और भजनों की बयार

​शोभा यात्रा के मंदिर पहुँचने के बाद धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला और तेज हो गया।

  1. मनमोहक श्रृंगार: मंदरोज़ा स्थित मंदिर परिसर को विशेष रूप से विदेशी फूलों और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है।
  2. ज्योति और कीर्तन: शाम 8 बजे से बाबा की अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने कीर्तन के जरिए भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
  3. पूजा-अर्चना: मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया, जो देर रात तक जारी रहा।

इनकी रही सक्रिय भूमिका

​आयोजन को सफल बनाने में श्री श्याम भक्त मंडल के सदस्यों ने कड़ी मेहनत की। प्रमुख रूप से संतोष अग्रवाल, प्रशांत केजरीवाल, सुरेश मोहता, पवन मेहता, पवन भालोटिया, शिव शंकर, नवल मित्तलवाला और अंकुर चौधरी सहित पूरी टीम सक्रिय रही। समिति के सदस्यों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी प्रयास यही था कि फाल्गुनोत्सव को और अधिक भव्य और समावेशी बनाया जाए।

VOB का नजरिया: शहर की एकता का प्रतीक

फाल्गुनोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भागलपुर की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है। जिस तरह से समाज के हर वर्ग ने इसमें सहभागिता की, वह शहर की ‘गंगा-जमुनी’ तहजीब और सामूहिक श्रद्धा को दर्शाता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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