
भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: सिल्क सिटी भागलपुर में छिनतई (Snatching) करने वाले गिरोहों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे मासूम बच्चों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। ताजा मामला शहर के हृदय स्थल लोहियापुल का है, जहाँ एक मां की सतर्कता ने न केवल उसके बच्चे के गहने बचाए, बल्कि एक अपराधी को सलाखों के पीछे भी पहुँचा दिया।
बाजार की भीड़ में मासूम पर हमला
नाथनगर के भीमकित्ता इलाके की रहने वाली मनीसा कुमारी शुक्रवार को अपने बेटे के साथ खरीदारी करने भागलपुर बाजार आई थीं। दोपहर के वक्त जब वह लोहियापुल से गुजर रही थीं, तभी एक शातिर युवक ने उनके बेटे के गले में पहने चांदी के चकते (लॉकेट) पर झपट्टा मारा। अचानक हुए इस हमले से बच्चा सहम गया और जोर-जोर से रोने लगा।
मां की दहाड़ और भीड़ का ‘ऑन-स्पॉट’ एक्शन
मनीसा कुमारी ने हिम्मत हारने के बजाय तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना डरे शोर मचाना शुरू किया, जिससे आसपास की भीड़ और स्टेशन चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए।
- घेराबंदी: आरोपी युवक भीड़ को चीरकर भागने की फिराक में था, लेकिन स्थानीय लोगों और ट्रैफिक पुलिस की तत्परता के कारण उसे लोहियापुल पर ही दबोच लिया गया।
- पुलिस की गिरफ्त: सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया।
“अगर चुप रहती तो अनहोनी हो जाती”
पीड़िता मनीसा कुमारी ने आपबीती सुनाते हुए बताया:
”मैं अपने बच्चे के साथ जा रही थी जब उस लड़के ने अचानक हमला किया। बच्चा घबराकर रोने लगा था। अगर मैं समय पर शोर नहीं मचाती, तो वह मेरे बच्चे को चोट पहुँचाकर फरार हो जाता। मैं ट्रैफिक पुलिस और उन अनजान लोगों का शुक्रिया अदा करती हूँ जिन्होंने मेरी मदद की।”
VOB का नजरिया: भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा पर सवाल?
लोहियापुल और स्टेशन चौक जैसे इलाकों में हमेशा पुलिस की तैनाती रहती है, फिर भी ऐसी वारदातें होना चिंताजनक है। हालांकि, इस मामले में ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता सराहनीय रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में ‘नशेड़ी’ और ‘पॉकेटमार’ गिरोहों का आतंक बढ़ गया है, जो महिलाओं और बच्चों को आसान शिकार समझते हैं।
वर्तमान स्थिति: पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि क्या वह किसी बड़े ‘स्नैचिंग गैंग’ का हिस्सा है या अकेले ही वारदातों को अंजाम देता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


