
भागलपुर | 01 मार्च, 2026: अगर आप सिल्क सिटी भागलपुर की सड़कों पर चार पहिया वाहन लेकर निकल रहे हैं, तो आज से आपकी एक छोटी सी लापरवाही जेब पर भारी पड़ सकती है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव के निर्देशानुसार, आज यानी 1 मार्च से शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए चार पहिया वाहनों का ऑनलाइन चालान कटना शुरू हो गया है। अब तक पुलिस का मुख्य फोकस दोपहिया वाहनों पर था, लेकिन अब कार, जीप और एसयूवी चालकों की हर हरकत पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
प्रमुख चौराहों पर हाई-टेक कैमरों की तैनाती
भागलपुर के प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्रों पर यातायात व्यवस्था को तकनीक से लैस कर दिया गया है। विशेष रूप से तिलकामांझी, कचहरी चौक, घंटाघर और जीरोमाइल जैसे व्यस्त इलाकों में हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। यह नया सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमेटिक तरीके से काम करेगा:
- नंबर प्लेट की पहचान: कैमरे वाहनों के नंबर प्लेट को ऑटोमेटिक रीड (ANPR) कर लेंगे।
- सटीक निगरानी: जैसे ही कोई गाड़ी स्टॉप लाइन पार करेगी या चालक बिना सीट बेल्ट के दिखेगा, सिस्टम तुरंत फोटो क्लिक कर लेगा।
- सीधे मोबाइल पर मैसेज: उल्लंघन की फोटो का मिलान परिवहन विभाग के डेटाबेस से होते ही वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चालान का मैसेज पहुँच जाएगा।
लापरवाही पड़ेगी महंगी: चालान की नई दरें जानें
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यहाँ प्रमुख नियमों और उनके जुर्माने की सूची दी गई है:
- सीट बेल्ट न लगाने पर: ₹1,000 का जुर्माना।
- लाल बत्ती (Red Light) पार करने पर: ₹1,000 से ₹5,000 तक।
- वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग: ₹5,000 का भारी जुर्माना।
- गलत दिशा (Wrong Side) में ड्राइविंग: ₹5,000 का दंड।
- नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना: ₹500 के साथ क्रेन चार्ज भी देना होगा।
- निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाना: ₹2,000 का चालान।
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) न होना: ₹2,500 से ₹10,000 तक का जुर्माना।
SSP का संदेश: “सड़क सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीक का सहारा केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लिया जा रहा है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि उन्हें अनावश्यक जुर्माने का सामना न करना पड़े।
VOB का नजरिया: डिजिटल निगरानी से बदलेगी शहर की तस्वीर
भागलपुर जैसे घनी आबादी वाले शहर में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या रही है। ऑनलाइन चालान की व्यवस्था शुरू होने से न केवल लोगों में कानून का डर बैठेगा, बल्कि सड़कों पर अनुशासन भी दिखेगा। हालांकि, प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कैमरों की सेटिंग सटीक हो ताकि किसी निर्दोष वाहन चालक को तकनीकी गलती के कारण गलत चालान न थमाया जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


