भागलपुर | 27 फरवरी, 2026: भागलपुर की सड़कों पर अब केवल दो पहिया वाहन चालक ही पुलिस के निशाने पर नहीं होंगे। अगर आप कार या कोई भी चार पहिया वाहन चलाते हैं, तो अपनी आदतें सुधार लें। आगामी 1 मार्च से शहर की यातायात व्यवस्था एक नए और सख्त डिजिटल युग में प्रवेश करने जा रही है। अब आपकी हर हरकत पर स्मार्ट सिटी के कैमरों की नजर होगी और नियम टूटते ही चालान सीधे आपके मोबाइल या घर के पते पर पहुँचेगा।
स्मार्ट सिटी का ‘डिजिटल हंटर’: कैसे होगी निगरानी?
अब तक भागलपुर में मैनुअल चालान और दो पहिया वाहनों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था, लेकिन अब तकनीक का पूरा इस्तेमाल होगा:
- कॉमन कंट्रोल सेंटर: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बना ‘कंट्रोल एंड कमांड सेंटर’ अब पूरी तरह एक्टिव मोड में है। शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहे पर लगे हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरे सीधे इस सेंटर से जुड़े हैं।
- ऑटोमैटिक डिटेक्शन: ये कैमरे बिना सीट बेल्ट लगाए ड्राइविंग, रेड लाइट जंप करना और निर्धारित सीमा से अधिक गति (Overspeeding) से वाहन चलाने वालों को खुद-ब-खुद चिह्नित कर लेंगे।
इन 3 गलतियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’
- सीट बेल्ट: चालक और बगल की सीट पर बैठे व्यक्ति के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य होगी। कैमरा इसे स्कैन करेगा और बेल्ट न मिलने पर तुरंत ई-चालान जनरेट होगा।
- ओवरस्पीडिंग: शहर के भीतर फर्राटा भरने वालों की खैर नहीं। कैमरों में लगे सेंसर गाड़ी की रफ्तार को मापेंगे।
- ट्रैफिक सिग्नल: पीली या लाल लाइट होने पर जेबरा क्रॉसिंग पार करना अब भारी पड़ेगा।
SSP की अपील: “जुर्माने से नहीं, दुर्घटना से बचें”
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि इस अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने शहरवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करें।
VOB का नजरिया: क्या भागलपुर की सड़कों पर आएगा अनुशासन?
अक्सर देखा जाता है कि लोग पुलिसकर्मी को न देखकर नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। ‘ई-चालान’ व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और निष्पक्ष कार्रवाई होगी। हालांकि, प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सड़कों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड स्पष्ट रूप से लगे हों ताकि चालक भ्रमित न हों। अब भागलपुर ‘स्मार्ट’ होने के साथ-साथ ‘सुरक्षित’ भी बनेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


