खबर के मुख्य बिंदु:
- ममता पर हमला: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान पर ममता बनर्जी को घेरा।
- चेतावनी: “अगले दो महीनों में बंगाल की जनता ममता बनर्जी को सिखाएगी कड़ा सबक।”
- बिहार का विजन: नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार को बनाएंगे ‘इंडस्ट्रियल हब’, 5 साल में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य।
- मजदूरों की घर वापसी: बाहर मजदूरी कर रहे बिहारियों को वापस लाने के लिए राज्य में ही पैदा करेंगे अवसर।
पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी इन दिनों पूरी तरह चुनावी और विकासवादी मोड में नजर आ रहे हैं। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति के अपमान का आरोप लगाकर सियासी पारा चढ़ा दिया, वहीं दूसरी तरफ बिहार के भविष्य के लिए नीतीश-मोदी की ‘जुगलबंदी’ का रोडमैप भी पेश किया। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब बिहार से ‘मजबूरी के पलायन’ का अंत होने वाला है।
“राष्ट्रपति का अपमान, आदिवासी समाज का अपमान”: सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने एक आदिवासी समाज से आने वाली देश की राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
- संवैधानिक मर्यादा: उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का आचरण न केवल संवैधानिक पद के खिलाफ है, बल्कि पूरी आदिवासी बिरादरी की बेइज्जती है।
- बंगाल का जवाब: चौधरी ने दावा किया कि बंगाल के लोग जागरूक हो चुके हैं और अगले दो महीनों के भीतर वे अपनी ‘आदिवासी बहन’ के अपमान का जवाब ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करके देंगे।
नीतीश के साथ ‘समृद्ध बिहार’ और 1 करोड़ नौकरियों का मिशन
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच सम्राट चौधरी ने गठबंधन की मजबूती पर मुहर लगाई।
- इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन: चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के अनुभव और सहयोग से बिहार को इंडस्ट्री के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।
- रोजगार का संकल्प: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साझा विजन के तहत अगले 5 वर्षों में बिहार में 1 करोड़ रोजगार (Job Creation) का लक्ष्य रखा गया है।
- युवाओं को भरोसा: उन्होंने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए कहा कि एनडीए सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मजबूरी में बाहर गए मजदूरों की होगी ‘घर वापसी’
प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर सम्राट चौधरी ने एक भावनात्मक और रणनीतिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो बिहारी सम्मानजनक नौकरियों में बाहर हैं, वे वहां रहें, लेकिन जो लोग गरीबी और मजबूरी में दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं, सरकार उन्हें चिन्हित (Identify) कर रही है।
”हम अपने उन भाइयों को वापस बिहार लाएंगे जो बाहर जाकर कष्ट सह रहे हैं। हम बिहार में ही ऐसे उद्योग लगाएंगे और अवसर पैदा करेंगे कि उन्हें अपना घर-बार छोड़कर न जाना पड़े।” — सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- मुख्य वक्ता: सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, बिहार)
- निशाने पर: ममता बनर्जी (मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल)
- बड़ा वादा: 5 साल में 1 करोड़ रोजगार का सृजन।
- मुख्य फोकस: औद्योगिक विकास और प्रवासी मजदूरों का पुनर्वास।
- गठबंधन: नीतीश-मोदी के संकल्प पर जताया अटूट विश्वास।
VOB का नजरिया: क्या ‘रोजगार’ बनेगा 2025-26 का मुख्य एजेंडा?
सम्राट चौधरी का बयान यह साफ करता है कि भाजपा अब बिहार में ‘पलायन’ के मुद्दे को विपक्षी घेराबंदी से निकालकर अपनी उपलब्धि बनाना चाहती है। 1 करोड़ नौकरियों का वादा एक बड़ा चुनावी दांव है, लेकिन इसकी सफलता जमीन पर लगने वाली फैक्ट्रियों पर निर्भर करेगी। वहीं, ममता बनर्जी पर हमला करके सम्राट ने न केवल बंगाल के चुनावों के लिए पिच तैयार की है, बल्कि बिहार के आदिवासी बेल्ट (जैसे जमुई, बांका) में भी एक बड़ा संदेश भेजने की कोशिश की है।


