सावन माह से पूर्व भागलपुर में चिकन और मटन खरीदने टूट पड़े लोग, 15 टन से अधिक की हुई बिक्री

सावन मंगलवार से है। इससे पहले नॉनवेज का कारोबार गर्म हो गया। रविवार को चिकन-मटन व मछली पर लोग टूट पड़े। इस दौरान सुबह छह बजे से ही भीखनपुर, तिलकामांझी, परबत्ती, जीरो माईल, सरधो आदि जगहों पर खरीदारों की भीड़ जुटी रही। कई जगहों पर मटन-चिकन लेने के लिए लोगों आधा से एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ा। भीखनपुर स्थित मटन कारोबारी चुन्ना कुरैशी ने बताया कि सावन से पहले लोग मटन लेने काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान 300 किलो से अधिक की मटन बिकी। बाजार में औसतन मटन की कीमत 700 से 800 रुपये किलो बिकी।

15 टन से अधिक चिकन की हुई बिक्री

इस बार सावन में दो माह पर चिकन-मटन का कारोबार प्रभावित होगा। इससे पहले दुकानदारों ने चिकन की कीमत भी बढ़ा दी। रविवार को चिकन 150 से 160 रुपये किलो बिकी। इससे पहले चिकन 130 से 140 रुपये किलो था। चांदनी चौक के होलसेल चिकन कारोबारी राजीव रंजन ने बताया कि शहरी क्षेत्र में सभी थोक व खुदरा में कम-से-कम 15 टन चिकन की बिक्री हुई। वहीं मछली की बिक्री में भी तेजी रही। दो दिनों से अच्छी बिक्री थी। अब सावन आ जाएगा। जिसके बाद 80 प्रतिशत कारोबार प्रभावित रहेगी।

मछलीपट्टी में रही भीड़

 मिनी मार्केट, तिलकामांझी, लोहिया पुल आदि जगहों पर मछलीपट्टी में ग्राहकों की भीड़ रही। तिलकामांझी मछली पट्टी के नीरज कुमार ने बताया कि एक-एक विक्रेताओं ने 50 से 100 किलो तक मछली बेची। मछली 180 से 300 रुपये किलो बिकी। भीखनपुर के अमित ने बताया कि मछली व चिकन दोनों खरीद कर जा रहे हैं। कुछ लोग चिकन के भी प्रेमी है।

होटलों में पनीर पर फोकस

दो माह तक अब होटलों में भी पनीर पर ज्यादा फोकस रहेगा। यहां चिकन व मटन की बिक्री घट जाती है। एक होटल संचालक बंटी शर्मा ने बताया कि सावन में अधिकांश होटलों के मैन्यू में वेज आइटम पर ज्यादा जोर रहेगा। यहां 70 तरह के पनीर व 35 तरह के मशरूम थाली में परोसा जायेगा। पनीर चिल्ली, पनीर बटर मसाला, पनीर मसानी, पनीर पंजाबी, पनीर बेगम बहार, पनीर दिलरूबा, पनीर दिवानी आदि वेरायटी तैयार होगा।

चार गुना बढ़ जायेगा पनीर की बिक्री

शहरी क्षेत्र में सावन में पनीर की बिक्री चार गुना बढ़ जायेगी। तिलकामांझी स्थित मिठाई कारोबारी गणेश यादव ने बताया कि सावन में पनीर की मांग बढ़ जाती है। अभी औसतन प्रतिदिन पनीर अगर एक हजार किलो बिकती है तो यह चार से पांच हजार किलो प्रतिदिन हो जायेगी। उन्होंने बताया कि घर में भी लोग पनीर खाते हैं और होटल संचालकों की ओर से पनीर की मांग बढ़ गयी है।

  • ये भी पढ़े..

    श्रावणी मेला से पहले सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का एडीआरएम ने किया निरीक्षण, कांवड़ियों के लिए छह जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *