बिहार में आज मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की औपचारिक शुरुआत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे 75 लाख महिलाओं के खातों में 7500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री आवास से कार्यक्रम में शामिल हुए।
75 लाख महिलाओं को पहली किस्त
मुख्यमंत्री रोजगार योजना के लिए अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है। उनमें से 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 3 अक्टूबर को दूसरी किस्त भी भेजी जाएगी।
जदयू में जश्न, आतिशबाजी और मिठाई
कार्यक्रम को जदयू कार्यालय में लाइव दिखाया गया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के तमाम नेता मौजूद थे। प्रधानमंत्री के बटन दबाते ही जदयू दफ्तर में जश्न का माहौल बन गया। नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जमकर आतिशबाजी की। वीर चंद पथ इलाके में लगभग आधे घंटे तक पटाखों की आवाज गूंजती रही।
जदयू नेताओं का कहना है कि इस योजना से महिलाओं के भरोसे 2025 के विधानसभा चुनाव में 225 से अधिक सीटें जीतना अब तय है।
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने योजना की शुरुआत पर कहा:
“बिहार की माताओं-बहनों और बेटियों के कल्याण के लिए डबल इंजन सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।”
जदयू नेताओं का दावा
जदयू नेता राहुल खंडेलवाल ने कहा:
“नारी सशक्तिकरण के प्रणेता नीतीश कुमार हैं। पहले 10 हजार और फिर 2 लाख की सहायता से महिलाओं का कारोबार बढ़ेगा और बिहार की तस्वीर बदलेगी।”
क्या है योजना और किसे मिलेगा लाभ?
- इस योजना का लाभ केवल स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा।
- वर्तमान में राज्यभर में लगभग 11 लाख SHG सक्रिय हैं और इनमें 1 करोड़ 40 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।
- अब तक 1 करोड़ 9 लाख 82 हजार महिलाओं ने आवेदन किया है।
- पहली किस्त में 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये भेजे गए हैं।
- 6 महीने बाद रोजगार के मूल्यांकन के बाद सरकार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी देगी।
- महिलाओं को खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई, बुनाई और अन्य छोटे व्यवसायों में निवेश करने का अवसर मिलेगा।
- शहरी महिलाएं योजना के लिए ऑनलाइन www.brlps.in पर आवेदन कर सकती हैं।
- योजना के तहत रोजगार प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी, ताकि महिलाएं अपने उत्पाद आसानी से बेच सकें।
एनडीए का चुनावी दांव
इस योजना को एनडीए की महिला केंद्रित राजनीति का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। जदयू और भाजपा दोनों ही इसे 2025 चुनाव के लिए गेमचेंजर बता रहे हैं।


