‘बेडरूम बना शराब का गोदाम’, सिविल कोर्ट का क्लर्क और पूर्व जिप सदस्य की बेटी गिरफ्तार

मोतिहारी: बिहार में शराबबंदी के 8 साल हो गए लेकिन पीने और बेचने वालों में कमी नहीं आयी. मोतिहारी पुलिस ने सिविल कोर्ट के सरकारी क्लर्क, उसकी पत्नी और पूर्व जिप सदस्य की बेटी को शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है. ये लोग घर से शराब का धंधा कर रहे थे. घर के बेडरूम को शराब का गोदाम बना रखा था. पुलिस ने बेड के नीचे बने बॉक्स में भारी मात्रा में शराब बरामद की है.

सरकारी कर्मी के घर छापेमारी

इस कार्रवाई की जानकारी मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने दी. उन्होंने बताया कि बंजरिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की. झखिया गांव के रहने वाले एक सरकारी कर्मचारी के घर से शराब का धंधा संचालित हो रहा था. सदर डीएसपी जीतेश पांडेय के नेतृत्व में सोमवार की रात व्यवहार न्यायालय के क्लर्क बाबूलाल सहनी के घर में छापेमारी की.

100 लीटर शराब बरामद

छापेमारी के दौरान क्लर्क के घर से बड़ी मात्रा में विदेशी और देसी शराब बरामद हुई. पुलिस ने बाबूलाल सहनी, उसकी पत्नी और पूर्व जिला परिषद् सदस्य की पुत्री को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बेडरूम में बेड के नीचे बने बॉक्स से लगभग 34 लीटर विदेशी और करीब 70 लीटर देसी शराब बरामद की है.

“बंजरिया थाना क्षेत्र में शराब का हॉटस्पॉट रहे झखिया गांव में पुलिस ने छापेमारी की. छापेमारी में कई लोग गिरफ्तार किए गए. बड़ी मात्रा में शराब भी बरामद हुई. गिरफ्तार लोगों में एक न्यायालय का कर्मी, उसकी पत्नी और एक पूर्व जिला परिषद् सदस्य की पुत्री शामिल है.” –स्वर्ण प्रभात, एसपी, मोतिहारी

8 साल बाद भी तस्करी चालू

बिहार में शराबबंदी लागू हुए 8 साल हो गए लेकिन अब तक इसपर पूरे तरीके से रोक नहीं लगायी जा सकी. कई बार तो इसमें पुलिस पदाधिकारी और सरकारी अधिकारी की मिलीभगत भी सामने आयी. हर साल लोग जहरीली शराब पीकर मर रहे हैं. 2016 के बाद साल 2022 में शराबबंदी कानून में बदलाव भी लेकिन इसका असर नहीं पड़ा.

क्या है कानून

शराबबंदी कानून 2022 के अनुसार अगर पहली बार शराब बेचते और पीते पकड़े जाते हैं तो जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाएगा. जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की जेल होगी. बार-बार पकड़ जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसकी सुनवाई एक साल तक चलेगी. इसमें जुर्माना और सजा दोनों हो सकता है.

पुलिस को अधिकार

भारी मात्रा में शराब जब्त की जाती है तो पुलिस उसका सैंपल रख अन्य शराब को नष्ट कर सकती है. पहले नष्ट करने के लिए डीएम से अनुमति लेनी पड़ती थी लेकिन अब शराबबंदी कानून संसोधन अधनियम 2022 के तहत बिना अनुमति शराब की तलाशी, जब्ती और नष्ट करने का प्रावधान है.

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