मधेपुरा में बीच बाजार होमगार्ड जवान ने तानी राइफल; ‘उड़ा देने’ की धमकी से सहमा मुरलीगंज

द वॉयस ऑफ बिहार | मधेपुरा (डिजिटल डेस्क)

​बिहार में ‘सुशासन’ के दावों के बीच मधेपुरा से आई एक तस्वीर ने खाकी की साख पर बट्टा लगा दिया है। रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो आम आदमी कहां जाए? मामला मुरलीगंज थाना क्षेत्र का है, जहां एक होमगार्ड जवान ने बीच सड़क पर ‘सिंघम’ बनने की कोशिश में कानून की धज्जियां उड़ा दीं। एक मामूली विवाद में जवान ने अपनी सरकारी राइफल सीधे एक निहत्थे पिकअप ड्राइवर पर तान दी।

वायरल वीडियो का सच: क्या है पूरा मामला?

​सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा यह वीडियो मंगलवार (17 फरवरी) का बताया जा रहा है। घटना मुरलीगंज के बेंगा पुल स्थित हनुमान मंदिर के पास की है।

  • वजह: चश्मदीदों के मुताबिक, एक पिकअप वैन सड़क किनारे खड़ी होकर किसी भोज (दावत) का सामान लोड कर रही थी। इसी दौरान वहां तैनात होमगार्ड जवान ने गाड़ी हटाने या साइड करने को लेकर ड्राइवर को टोका।
  • विवाद: बात तू-तू मैं-मैं से शुरू हुई, लेकिन जवान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
  • एक्शन: गाली-गलौज करते हुए जवान ने अपनी पीठ पर लटकी राइफल उतारी और लोड करने के अंदाज में सीधे ड्राइवर के सीने पर तान दी। वीडियो में उसे साफ तौर पर “मार के उड़ा देंगे” जैसी धमकी देते सुना जा सकता है।

बाजार में भगदड़, लोगों ने कैद की ‘गुंडागर्दी’

​भरे बाजार में दिनदहाड़े हथियार लहराते देख वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। ड्राइवर जान बख्शने की गुहार लगाता रहा, जबकि जवान का रौब कम नहीं हो रहा था। इसी अफरातफरी के बीच भीड़ में से किसी ने मोबाइल निकालकर वीडियो बना लिया। वीडियो में आसपास के लोगों को डरते-सहमते और जवान को शांत कराने की कोशिश करते देखा जा सकता है।

(डिस्क्लेमर: ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता, यह जांच का विषय है।)

पुलिस महकमे की चुप्पी पर सवाल?

​वीडियो वायरल होने के 24 घंटे बाद भी मधेपुरा पुलिस या मुरलीगंज थाना प्रभारी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान (Official Statement) नहीं आया है।

  • बड़ा सवाल: क्या होमगार्ड जवानों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ‘शूट टू किल’ की ट्रेनिंग दी गई है?
  • अनुशासन: सरकारी हथियार का इस्तेमाल केवल आत्मरक्षा या चरम स्थिति में होता है। एक निहत्थे ड्राइवर पर बंदूक तानना किस पुलिस मैनुअल का हिस्सा है?

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: बेलगाम होते निचले कर्मी

​यह पहली बार नहीं है जब होमगार्ड या पुलिस के निचले स्तर के कर्मियों पर बदसलूकी के आरोप लगे हों। लेकिन एक सिविलियन पर सीधे बंदूक तान देना ‘अक्षम्य अपराध’ है। यह घटना दर्शाती है कि वर्दी पहनने के बाद कुछ जवानों में ‘सिस्टम’ का नहीं, बल्कि ‘खुद के पावर’ का नशा चढ़ जाता है। मधेपुरा एसपी को इस वीडियो का स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि खाकी पर जनता का भरोसा बना रहे।

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