बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर जीरो टीलेज विधि से आलू की रोपाई को बढ़ावा देगा

बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर जीरो टीलेज विधि से आलू की रोपाई को बढ़ावा देगा

दिनांक 19.10.2020 को 19 वीं प्रसार शिक्षा परिषद की बैठक बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर में डा . अजय कुमार सिंह , माननीय कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित किया गया । इस अवसर पर विशेषज्ञ के रूप में डा . अंजनी कुमार , निदेशक , अटारी , पटना , डा . उज्जवल कुमार , निदेशक , भा.कृ.अनु.परि . का पूर्वी अनुसंधान परिषद , पटना , डा . डी . पी . त्रिपाठी , संयुक्त निदेशक , कृषि पटना , डा . आर . के . जाट , वरीय शस्य वैज्ञानिक , बीसा , समस्तीपुर सहित कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वर्चुअल मोड में उपस्थित थे । डा . अजय कुमार सिंह , माननीय कुलपति , बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कृषि विज्ञान केन्द्रों में चल रहे जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अन्तर्गत हो रहे कार्यो की सराहना की । साथ ही रबी मौसम में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न तकनीकों जीरो टीलेज विधि से गेहूँ , चना की खेती , रेज्ड बेड प्लांटिग विधि से रबी फसलों की खेती के आदि को किसानों की खेतों में प्रत्यक्षण करने की बात कही । साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्रों में 01 हेक्टेयर में जीरो टीलेज विधि से आलू की रोपाई , धान के पुआल से मल्चिंग करने की बात कही । इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि कोविड -19 के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्रों के द्वारा कराये गये ऑनलाईन प्रशिक्षण से किसानों को फायदा हुआ है . इसके लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यो की सराहना की । डा . अंजनी कुमार सिंह , निदेशक , अटारी ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय , सबौर के अन्तर्गत सभी कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा गरीब कल्याण रोजगार योजना के माध्यम से कराये गये ऑनलाईन प्रशिक्षण की सराहना की । डा , उज्जवल कुमार , निदेशक , भा.कृ.अनु परि का पूर्वी अनुसंधान परिषद , पटना ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों को आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में कार्य करने की डा . आर . के . जाट ने कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अन्तर्गत किसानों के साथ मिलकर बीज उत्पादन पर बल देने की बात कही । डा . आर . के . सोहाने , निदेशक प्रसार शिक्षा ने कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा किये जा रहे विभिन्न प्रसार कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया । साथ ही उन्होने बताया कि कोविड अवधि में कम्युनिटी रेडियो की भूमिका अहम रही है । साथ ही उन्होने कहा कि आज तक कुल 3 लाख 11 हजार सब्सक्राइबर एवं 3 करोड़ 20 लाख लोगों द्वारा देखा गया है । उन्होनें कहा कि कोविड अवधि में विश्वविद्यालय के यूट्यूब चैनल की लोकप्रियता बढ़ी है जिसमें 65 हजार सब्सक्राइबर , 65 लाख लोगों के द्वारा देखा गया है । इस अवसर पर बौंका , गया एवं जिले की प्रगतिशील किसान विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान एवं विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता , निदेशक , कुलसचिव , नियंत्रक सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं वैज्ञानिकगण उपस्थित थे । धन्यवाद ज्ञापन डा . आर . एन . सिंह , सह निदेशक प्रसार शिक्षा के द्वारा दिया गया ।

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