
भागलपुर। गंगा नदी के दोनों किनारों के बीच आवाजाही करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के निर्देश पर भागलपुर के बरारी घाट से महादेवपुर घाट तक नाव सेवा को पूरी तरह निःशुल्क करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में सोमवार को बरारी घाट स्थित नियंत्रण कक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। बैठक में निजी नाव संचालकों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच चलने वाली नाव सेवा को आम लोगों के लिए निःशुल्क बनाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना था। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों से किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए भी किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान निजी नाव संचालकों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान सभी पक्षों की सहमति से प्रति यात्री और मोटरसाइकिल के लिए एक निर्धारित भुगतान दर तय की गई। यह राशि सीधे सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इसका मतलब यह है कि नाव संचालकों को उनके संचालन का खर्च और निर्धारित भुगतान प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से मिलेगा, जबकि आम नागरिकों को यात्रा के लिए जेब से कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से नदी पार कर रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच बड़ी संख्या में विद्यार्थी, मजदूर, किसान, छोटे कारोबारी और अन्य स्थानीय लोग प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। नाव सेवा उनके लिए सबसे आसान और कम समय लेने वाला साधन है। ऐसे में यात्रा को निःशुल्क किए जाने से लोगों के आर्थिक बोझ में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि निजी नाव संचालक किसी भी यात्री से सीधे किराया नहीं वसूलेंगे। यदि कोई यात्री पैदल यात्रा करता है या मोटरसाइकिल के साथ नाव से नदी पार करता है, तो उससे किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रशासन इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा ताकि सरकार की योजना का लाभ बिना किसी बाधा के लोगों तक पहुंच सके।
निःशुल्क नाव संचालन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष समिति के गठन का निर्णय लिया है। इस समिति की अध्यक्षता अपर समाहर्ता करेंगे। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निजी नाव संचालकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे नाव सेवा से जुड़े लोगों की समस्याओं और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने में आसानी होगी।
समिति का दायित्व नाव संचालन की निगरानी करना, भुगतान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान करना होगा। प्रशासन का मानना है कि समिति के गठन से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
बैठक के दौरान सुरक्षा, यात्री सुविधा और संचालन संबंधी अन्य पहलुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने नाव संचालकों से कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। नावों की क्षमता, लाइफ जैकेट की उपलब्धता और सुरक्षित परिचालन जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। प्रशासन ने संकेत दिया कि भविष्य में भी नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि सेवा की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस निर्णय से खासकर उन परिवारों को राहत मिलेगी जो रोजाना नदी पार कर अपने कार्यस्थल, विद्यालय, कॉलेज या बाजार तक पहुंचते हैं। प्रतिदिन किराया खर्च होने से उनके मासिक बजट पर असर पड़ता था। अब मुफ्त नाव सेवा शुरू होने से उन्हें आर्थिक बचत का लाभ मिलेगा।
भागलपुर क्षेत्र में गंगा नदी के दोनों किनारों के बीच संपर्क बनाए रखने में नाव सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए यह केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है। ऐसे में सरकार द्वारा इसकी लागत स्वयं वहन करने का फैसला सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि योजना को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा। साथ ही नाव संचालकों से भी सहयोग की अपील की गई ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।
बैठक में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था राकेश रंजन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार तथा नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने इस पहल को आम जनता के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने की बात कही।
प्रशासन को उम्मीद है कि बरारी घाट से महादेवपुर घाट के बीच शुरू होने वाली यह निःशुल्क नाव सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और क्षेत्र में आवागमन को अधिक सुगम, सस्ता और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


