​बांका में रिश्तों का कत्ल: ससुराल आए दामाद की पीट-पीटकर हत्या; कांवड़िया पथ पर मिली लाश

बेलहर (बांका)। भारतीय समाज में ‘ससुराल’ को एक ऐसा स्थान माना जाता है जहाँ दामाद का स्वागत आदर और सत्कार के साथ किया जाता है, लेकिन बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने इस पवित्र रिश्ते के भरोसे को तार-तार कर दिया है। जिलेबिया मोड़ थाना क्षेत्र के निम्वा टांड़ गांव में अपने ससुराल आए एक 35 वर्षीय युवक की बड़ी ही बेरहमी से पीट-पीटकर और गला दबाकर हत्या कर दी गई।सुबह जब गांव के समीप कांवड़िया पथ पर एक लावारिस शव देखा गया, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सुरेश मरांडी के रूप में हुई है, जो सुइयां थाना क्षेत्र के भाजु कुरा गांव का रहने वाला था। इस जघन्य वारदात के पीछे पारिवारिक कलह और अवैध संबंधों की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी, ससुर और साले को हिरासत में ले लिया है। एक हँसता-खेलता परिवार अब पुलिसिया पूछताछ और सलाखों के बीच खड़ा है, वहीं सुरेश का शव पोस्टमार्टम के बाद न्याय की गुहार लगा रहा है।

खौफनाक मंजर: कांवड़िया पथ पर मिला बेजान शरीर

​घटना का खुलासा गुरुवार की सुबह तब हुआ जब निम्वा टांड़ गांव के ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले थे। गांव के पास से गुजरने वाले प्रसिद्ध कांवड़िया पथ के किनारे एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया। शव की स्थिति देखकर यह साफ लग रहा था कि उसे कहीं और मारा गया है और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से रात के अंधेरे में यहाँ लाकर फेंक दिया गया। मृतक के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे और गले पर उंगलियों के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसकी मौत से पहले उसे काफी तड़पाया गया था।

​ग्रामीणों के शोर मचाने पर जिलेबिया मोड़ थाने की पुलिस मौके पर पहुँची। शिनाख्त के दौरान पता चला कि यह युवक सुरेश मरांडी है, जो पिछले कुछ दिनों से अपने ससुराल निम्वा टांड़ में रह रहा था। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। इस बीच, सुरेश की मौत की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव भाजु कुरा पहुँची, वहां मातम पसर गया। सुरेश के परिजन भागते हुए जिलेबिया मोड़ पहुँचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप मढ़ दिया।

अपनों पर ही लगा हत्या का दाग: भाई ने दी लिखित शिकायत

​सुरेश मरांडी की मौत के बाद उसके छोटे भाई शशिकांत मरांडी ने जो आरोप लगाए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। शशिकांत ने जिलेबिया मोड़ थाने में आवेदन देते हुए अपनी भाभी, ससुर और साले को मुख्य आरोपी बताया है। शशिकांत के अनुसार, सुरेश अपने ससुराल में खुश नहीं था और वहां अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत सुरेश को बुलाया और रात में लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई की। जब सुरेश अधमरा हो गया, तो उसका गला दबाकर उसकी जान ले ली गई।

​पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल छापेमारी की और सुरेश के ससुर सोमरा सोरेन, उसकी पत्नी सुनीता सोरेन और उसके साले प्रगान सोरेन को हिरासत में ले लिया। फिलहाल इन तीनों से पुलिस लाइन या थाने में अलग-अलग कमरों में पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के बयानों में विरोधाभास पाया गया है, जिससे पुलिस का शक और भी गहरा हो गया है। सुरेश के भाई का कहना है कि उसे पहले भी धमकियां दी गई थीं, लेकिन उसने कभी नहीं सोचा था कि उसके ससुराल के लोग ही उसके हत्यारे बन जाएंगे।

अवैध संबंधों का पेंच: एसडीपीओ ने किया बड़ा खुलासा

​बेलहर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रविंद्र मोहन प्रसाद ने इस मामले की जांच की कमान खुद संभाली है। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने और पकड़े गए संदिग्धों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। एसडीपीओ के अनुसार, पुलिस की जांच में प्रथम दृष्टया यह मामला अवैध संबंधों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

​अंदेशा जताया जा रहा है कि सुरेश मरांडी को अपनी पत्नी या परिवार के किसी सदस्य के किसी बाहरी व्यक्ति के साथ संबंधों की जानकारी मिल गई थी, या फिर खुद सुरेश के जीवन में कोई ऐसा पेंच था जिसे ससुराल वाले बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। इसी रंजिश को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि उसने हत्या का रूप ले लिया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में ससुराल वालों के अलावा गांव का कोई अन्य बाहरी व्यक्ति या अपराधी भी शामिल था। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों (मोबाइल कॉल डिटेल्स) के आधार पर जल्द ही मामले का पूर्ण पटाक्षेप कर दिया जाएगा।

रिश्तों के कत्ल की बढ़ती घटनाएं: सामाजिक चिंता का विषय

​बांका जिले में पिछले कुछ महीनों के भीतर पारिवारिक विवादों में हत्या की यह कोई पहली घटना नहीं है। सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती असहनशीलता और अवैध संबंधों का जाल खून के रिश्तों पर भारी पड़ रहा है। सुरेश मरांडी, जो अपने पिता शनिवार मरांडी की मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारी संभाल रहा था, उसकी मौत ने एक और गरीब परिवार को बेसहारा कर दिया है।

​कांवड़िया पथ, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और जहाँ से लोग ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए गुजरते हैं, उस पवित्र मार्ग का उपयोग शव फेंकने के लिए किया जाना अपराधियों के बेखौफ होने का प्रमाण है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि पुलिस की गश्त के बावजूद अपराधी रात में शव को सड़क किनारे फेंककर चले गए और किसी को भनक तक नहीं लगी।

जांच के मुख्य बिंदु: पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियां

​बेलहर पुलिस और जिलेबिया मोड़ थाना इस गुत्थी को सुलझाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:

  1. मौत का समय: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि सुरेश की हत्या बुधवार की रात किस समय की गई थी।
  2. हत्या का हथियार: क्या केवल लाठी-डंडों का प्रयोग हुआ था या किसी धारदार हथियार या रस्सी से गला घोंटा गया था?
  3. मोबाइल लोकेशन: घटना के वक्त पकड़े गए तीनों संदिग्धों और सुरेश के मोबाइल की लोकेशन क्या थी?
  4. स्थानीय गवाह: क्या निम्वा टांड़ गांव के किसी अन्य व्यक्ति ने रात में चीख-पुकार सुनी थी या किसी को शव ले जाते हुए देखा था?

​थानाध्यक्ष का कहना है कि आरोपियों के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं दिख रहा है, जो यह संकेत देता है कि यह हत्या बेहद ठंडे दिमाग से की गई प्लानिंग का हिस्सा हो सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि 24 से 48 घंटों के भीतर इस मामले में औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज कर ली जाएगी।

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