मधेपुरा में बैंक लूट से सनसनी! सेंट्रल बैंक की मुरहो शाखा से गन पॉइंट पर 1.30 लाख की लूट; बदमाशों ने की हवाई फायरिंग, सीसीटीवी निकला ‘ठप’

समाचार के मुख्य बिंदु: सदर प्रखंड के भर्राही में बेखौफ बदमाशों का तांडव

  • बड़ी वारदात: मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत भर्राही स्थित ‘सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया’ की मुरहो शाखा में दिनदहाड़े लूट।
  • लूट की राशि: हथियारबंद बदमाशों ने बैंक मैनेजर को बंधक बनाकर कैश काउंटर से 1.30 लाख रुपये लूटे।
  • दहशत का माहौल: लूट के दौरान बदमाशों ने बैंक के भीतर और बाहर दो राउंड हवाई फायरिंग की; ग्राहकों को जबरन बाहर निकाला।
  • सुरक्षा में चूक: बैंक में वायरिंग का काम चलने के कारण सीसीटीवी (CCTV) कैमरा बंद था, जिसका फायदा अपराधियों ने उठाया।
  • पुलिसिया कार्रवाई: एएसपी प्रवेन्द्र भारती ने दल-बल के साथ मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की; अपराधियों की तलाश में नाकेबंदी।
  • VOB इनसाइट: बैंक में सुरक्षा कैमरों का बंद होना और ऐन उसी वक्त लूट होना, किसी बड़ी रेकी या आंतरिक सूचना के लीक होने की ओर इशारा करता है।

मधेपुरा | 27 मार्च, 2026

​बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े बैंक जैसी सुरक्षित जगहों को निशाना बना रहे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार दोपहर सदर प्रखंड के भर्राही स्थित सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुरहो शाखा में तीन नकाबपोश बदमाशों ने गन पॉइंट पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने जिले की पुलिसिंग और बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दोपहर 12:30 बजे का ‘खूनी’ सन्नाटा: तीन बदमाश और दहशत का खेल

​प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक कर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक बाइक पर सवार तीन हथियारबंद अपराधी बैंक परिसर में पहुँचे।

  1. घेराबंदी: एक अपराधी हथियार लहराते हुए मुख्य गेट पर खड़ा हो गया ताकि कोई बाहर न जा सके और न ही कोई भीतर आ सके।
  2. ग्राहकों को खदेड़ा: बैंक के अंदर घुसे दो अन्य बदमाशों ने वहां मौजूद ग्राहकों के साथ बदसलूकी की और दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग करते हुए सबको बाहर निकाल दिया।
  3. मैनेजर पर तानी बंदूक: अपराधी सीधे शाखा प्रबंधक शिव कुमार के केबिन में घुसे और उनकी कनपटी पर पिस्तौल सटा दी। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कैश की मांग की।

कैश काउंटर साफ: 1.30 लाख रुपये लेकर फरार

​शाखा प्रबंधक शिव कुमार ने बताया कि उस समय बैंक के कैश काउंटर पर कुल 1.30 लाख रुपये ही उपलब्ध थे। बदमाशों ने डरा-धमकाकर पूरी रकम अपने कब्जे में ले ली और मात्र कुछ ही मिनटों के भीतर वारदात को अंजाम देकर बाइक से फरार हो गए। अपराधियों के जाने के तुरंत बाद बैंक प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को मामले की सूचना दी।

सीसीटीवी का ‘तमाशा’: वायरिंग के नाम पर बंद थे कैमरे

​इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू यह रहा कि बैंक के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे।

  • कारण: बैंक प्रबंधन का दावा है कि कार्यालय में बिजली की वायरिंग का काम चल रहा था, जिस वजह से सुरक्षा कैमरों का सिस्टम बंद पड़ा था।
  • चुनौती: कैमरों के बंद होने के कारण अपराधियों के चेहरे और उनकी बाइक का नंबर पहचानना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस इसे महज इत्तेफाक मान रही है या अपराधियों की सोची-समझी साजिश, यह जांच का विषय है।

एएसपी की दबिश: जांच में जुटी पुलिस की विशेष टीम

​लूट की सूचना मिलते ही एएसपी प्रवेन्द्र भारती भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने बैंक कर्मियों से पूछताछ की और घटनास्थल का मुआयना किया।

  • प्राथमिकी दर्ज: शाखा प्रबंधक के लिखित आवेदन के आधार पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
  • छापेमारी: एएसपी ने बताया कि जिले के सभी निकास द्वारों पर नाकेबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस आसपास के अन्य दुकानों और सड़कों पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके।

VOB का नजरिया: क्या असुरक्षित हैं हमारे बैंक?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि मधेपुरा की यह घटना जिला पुलिस और बैंक प्रशासन के लिए एक वेक-अप कॉल है।

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन: जब बैंक में मरम्मत या वायरिंग का काम चल रहा हो, तब सुरक्षा के वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
  • दियारा और ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा: मुरहो जैसी ग्रामीण शाखाएं अक्सर अपराधियों के निशाने पर रहती हैं क्योंकि यहाँ पुलिस की पहुँच शहरी इलाकों के मुकाबले थोड़ी धीमी होती है।
  • हथियारों की सुलभता: सरेआम फायरिंग करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के पास अवैध हथियारों की कोई कमी नहीं है।

सुशासन और सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न

​मधेपुरा में हुई इस लूट ने एक बार फिर बैंकिंग सेक्टर की सुरक्षा की पोल खोल दी है। 1.30 लाख की लूट छोटी राशि लग सकती है, लेकिन जिस निर्भीकता से बदमाशों ने फायरिंग की, वह कानून-व्यवस्था के गिरते इकबाल का प्रमाण है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस मामले में होने वाली गिरफ्तारियों और पुलिस की तफ्तीश की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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