बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को दोहरा झटका: टी20 वर्ल्ड कप से बाहर, हाईकोर्ट ने भी लगाई कड़ी फटकार

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बीसीबी ने भारत में होने वाले मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने बड़ा कदम उठाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अब महिला क्रिकेटरों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही को लेकर बांग्लादेश हाईकोर्ट ने भी बोर्ड को कड़ी फटकार लगाई है।

हाईकोर्ट ने पूछा—BCB को अवैध घोषित क्यों न करें?

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (2 फरवरी) को पूर्व नेशनल शूटर सबरीना सुल्ताना की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीसीबी से तीखे सवाल किए। अदालत ने पूछा कि बोर्ड को “गैर-कानूनी, बिना अधिकार के और जनहित के खिलाफ” संस्था क्यों न घोषित कर दिया जाए।

कोर्ट ने विशेष रूप से पूर्व महिला कप्तान जहानारा आलम के मामले में कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई और बीसीबी से जवाब मांगा कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जब तक नए नियम तय नहीं हो जाते, तब तक बोर्ड को कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार एंटी-सेक्सुअल हैरेसमेंट पॉलिसी तुरंत लागू करनी होगी।

जहानारा आलम ने लगाए थे गंभीर आरोप

बांग्लादेश महिला टीम की पूर्व कप्तान जहानारा आलम ने नवंबर 2025 में एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था कि करियर के दौरान उन्हें कई बार परेशान किया गया और अनुचित प्रस्ताव दिए गए। उन्होंने बताया कि डर और करियर खत्म होने की आशंका के कारण वह लंबे समय तक चुप रहीं।

जहानारा का आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने उनसे संपर्क के लिए बिचौलियों का सहारा लिया। जब उन्होंने इन बातों को अनदेखा किया तो उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने कई बार बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन ठोस समाधान नहीं मिला।

जांच में लगातार हो रही देरी

आरोप सामने आने के बाद बीसीबी ने जांच का आश्वासन दिया और पहले तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच सदस्यीय कर दिया गया। लेकिन रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा दो बार बढ़ाई गई।

पहले कहा गया कि जहानारा ने लिखित शिकायत के लिए समय मांगा है, फिर रिपोर्ट की तारीख 31 जनवरी तय की गई। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद बीसीबी को जांच रिपोर्ट मिल गई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसे सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं।

बीसीबी पर बढ़ता दबाव

टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने और हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद बीसीबी पर चौतरफा दबाव है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बोर्ड ने पारदर्शी और ठोस कदम नहीं उठाए तो बांग्लादेश क्रिकेट की छवि को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।


 

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