बगहा में तेंदुए का आतंक बढ़ा, तीन लोगों पर हमला कर किया गंभीर घायल; गांवों में दहशत का माहौल

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिपरासी थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में एक खूंखार तेंदुए ने हमला कर दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रातभर लाठी, डंडे और टॉर्च लेकर गांव में पहरा देने को मजबूर हैं, जबकि वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में लगातार अभियान चला रही है।

जानकारी के अनुसार घटना शनिवार देर शाम की है। सबसे पहले मनिया छापर गांव में तेंदुए ने हमला किया। गांव निवासी 35 वर्षीय चिरई देवी अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। उसी दौरान अचानक दियारा क्षेत्र की तरफ से एक तेंदुआ गांव में घुस आया और उन पर हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया तो तेंदुआ वहां से भाग निकला, लेकिन तब तक महिला बुरी तरह जख्मी हो चुकी थी।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग और ग्रामीण घायल महिला को लेकर तुरंत पिपरासी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया।

महिला के देवर अब्दुल अंसारी ने बताया कि तेंदुए ने उनकी भाभी पर बेहद खतरनाक तरीके से हमला किया। शरीर पर गहरे जख्म हैं और हालत काफी नाजुक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार डरा हुआ है और गांव के लोग रात में घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

पहली घटना के कुछ ही समय बाद तेंदुए ने करीब दो किलोमीटर दूर सौरहा पंचायत के भिलोरवा टोला में फिर हमला कर दिया। यहां तेंदुए ने 25 वर्षीय मनोज शर्मा और धनपति देवी को निशाना बनाया। दोनों पर अचानक हमला होने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भी भाग निकला।

घायल मनोज शर्मा और धनपति देवी का इलाज पिपरासी पीएचसी में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन शरीर पर गहरे जख्म होने के कारण उन्हें निगरानी में रखा गया है।

लगातार दो गांवों में हुए हमलों के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही लोग घरों में बंद हो जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं को अकेले बाहर निकलने से रोका जा रहा है। कई गांवों में लोगों ने रातभर जागकर पहरा देना शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों के अनुसार यह तेंदुआ पिछले करीब चार महीनों से दियारा क्षेत्र में घूम रहा है। पहले यह केवल जंगल और खेतों तक सीमित था, लेकिन अब लगातार रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ अब तक कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बना चुका है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग को पहले से तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पहले ही रेस्क्यू अभियान तेज किया जाता तो शायद लोगों पर हमला नहीं होता।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पिपरासी थाना के दरोगा धर्मेंद्र सिंह ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। वहीं वन विभाग की टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

वन क्षेत्र पदाधिकारी मालाकार ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिलते ही विशेष टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग लगातार तेंदुए की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रहा है। तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिसके कारण उसे पकड़ने में कठिनाई हो रही है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दियारा क्षेत्र में घनी झाड़ियां और खेत होने के कारण तेंदुआ आसानी से छिप जाता है। रात के समय उसका मूवमेंट बढ़ जाता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जंगल और वन क्षेत्रों के सिकुड़ने के कारण जंगली जानवर अब रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं। भोजन और सुरक्षित जगह की तलाश में तेंदुए जैसे जानवर गांवों तक पहुंच जाते हैं। हालांकि इस तरह के हमले बेहद खतरनाक होते हैं और तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाना जरूरी होता है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में पिंजरे लगाए जाएं और रात में गश्त बढ़ाई जाए। लोगों का कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता तब तक गांवों में डर का माहौल बना रहेगा।

कई ग्रामीणों ने बताया कि बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। खेतों में काम करने वाले किसान भी दहशत में हैं। शाम ढलते ही लोग खेतों और बागानों की तरफ जाना बंद कर दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में तेंदुए ने आधा दर्जन से ज्यादा मवेशियों को मार डाला है। कई बार गांव के आसपास उसके पैरों के निशान भी देखे गए हैं। इसके बावजूद वन विभाग उसे पकड़ने में सफल नहीं हो पाया।

बगहा के पिपरासी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही तेंदुए की गतिविधियों ने वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि त्वरित कार्रवाई की जरूरत है।

फिलहाल वन विभाग और पुलिस की टीम इलाके में कैंप कर रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात में अकेले बाहर न निकलने की अपील की गई है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

बगहा में तेंदुए के लगातार बढ़ते हमलों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इंसान और वन्यजीव संघर्ष अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और खतरनाक हो सकती है।

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