निकिता सिंघानिया की जमानत पर अतुल सुभाष के पिता का बड़ा बयान:3 साल के पोते को भेज दिया बोर्डिंग स्कूल

अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया को बेंगलुरु की अदालत से जमानत मिलने के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आया है। अतुल सुभाष के पिता पवन कुमार मोदी ने अपनी बहु के जमानत पर प्रतिक्रिया दी है और चिंता जताई है कि उनका पोता कहां है। पवन मोदी ने अपनी चिंता और निराशा का इज़हार करते हुए कहा कि उन्हें अपने पोते की स्थिति को लेकर बहुत शंका है, और उन्होंने इसके लिए बेंगलुरु पुलिस से जानकारी प्राप्त की है।

पवन मोदी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि उनका पोता फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में है, लेकिन उन्हें यह जानकारी ठीक से नहीं मिल पाई। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे ये जानकर बहुत कष्ट हुआ है कि मेरा पोता कहीं लापता है और उसकी सुरक्षा के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। बेंगलुरु पुलिस से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक वह फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में है, लेकिन मुझे यह विश्वास नहीं हो रहा कि यह सही जानकारी है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह सच है तो यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है क्योंकि मेरे पोते का एडमिशन केवल तीन साल की उम्र में किया गया था। यह कानूनी तौर पर गलत हो सकता है। इसके अलावा, स्कूल में उसके पिता का नाम दर्ज नहीं है, बल्कि उसकी मां का नाम और फोटो लगाया गया है, जो पूरी तरह से संदिग्ध है।”

पवन कुमार मोदी ने अपनी बहू पर आरोप लगाते हुए कहा, “निकिता ने हमेशा अपने बेटे को पैसों के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। वह बच्चे को केवल पैसे की उगाही के लिए एक साधन मानती थी, न कि किसी मां की तरह प्यार करने वाला बच्चा। निकिता ने कभी भी अपने बच्चे से सच्चा प्रेम नहीं किया। उसे तो बस पैसे की ही चाहत थी।” पवन मोदी ने कहा कि निकिता की मानसिकता बहुत ही गलत है और उसने बच्चे को अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रयोग किया है।

पवन मोदी ने अदालत द्वारा निकिता को जमानत देने के फैसले पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा, “जमानत तो कानूनी प्रक्रिया के तहत दी गई है, लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय में उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी। यह ठीक नहीं है। मुझे इस बात की चिंता है कि उनका बच्चा किसके पास है और उसकी स्थिति क्या है। मेरी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से एक अपील है कि मेरा पोता मुझे सौंपा जाए, ताकि वह अच्छे हाथों में रहे। अगर वह अपनी मां के पास रहेगा तो उसे हमेशा अपराधी के बेटे के तौर पर जाना जाएगा, लेकिन अगर वह हमारे पास रहेगा, तो उसे एक शहीद के बेटे के रूप में सम्मान मिलेगा।”

पवन मोदी ने यह भी कहा कि निकिता ने हमेशा अपनी समस्याओं को सुलझाने के बजाय अपने बच्चे को शोषण का एक साधन बना लिया। “यदि बच्चा हमारे पास रहेगा तो उसकी सुरक्षा और भलाई की गारंटी है। लेकिन अगर वह निकिता के पास रहेगा, तो वह उसे अपनी गलत गतिविधियों में इस्तेमाल करेगी,” पवन मोदी ने कहा। अतुल सुभाष एक पेशेवर AI इंजीनियर थे और उनका जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। 2019 में उनकी शादी निकिता सिंघानिया से हुई थी। शादी के बाद, अतुल ने अपनी पत्नी पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उनके अनुसार, उनकी पत्नी और उसके परिवार ने उन्हें बार-बार धमकियां दीं और पैसों की मांग की। इन तनावपूर्ण स्थितियों के कारण अतुल ने 24 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा और एक घंटा 21 मिनट का वीडियो भी तैयार किया, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए थे।

अतुल ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी और उसके परिवार ने उनसे 30 लाख रुपये की मांग की थी, और उन्हें उनके बेटे से मिलने की अनुमति नहीं दी थी। इन घटनाओं ने अतुल को इतनी मानसिक परेशानी में डाल दिया कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। उनकी आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया और इस मामले में मीडिया में बहुत चर्चाएं हुईं। उनके परिवार के लोग न्याय की उम्मीद में हैं, और इस घटनाक्रम के बाद अब निकिता के जमानत मिलने पर विवाद बढ़ गया है।

पवन कुमार मोदी ने इस मामले में न्याय की मांग करते हुए कहा कि उन्हें यकीन है कि सच सामने आएगा और उनकी बहु के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “हम न्यायालय से उम्मीद करते हैं कि इस मामले में सही फैसला होगा। हमारी कोशिश रहेगी कि हमें हमारे पोते की कस्टडी मिले ताकि वह सुरक्षित रहे और उसकी परवरिश सही तरीके से हो।”अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद उनके परिवार ने यह तय किया है कि वे इस मामले को अंत तक लड़ेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने अतुल को प्रताड़ित किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

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