अमेरिका के मिशिगन राज्य में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) पर हमले की घटना सामने आई है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक शख्स कार लेकर प्रार्थना स्थल के परिसर में घुस गया। जब वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश की तो हमलावर ने कार से गार्ड को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद कार दीवार से टकरा गई और उसमें आग लग गई।
आग लगने के बाद हमलावर कार से बाहर निकला और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उस पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, हमलावर की पहचान अयमन घाजली के रूप में हुई है, जो मिशिगन के डियरबोर्न हाइट्स का रहने वाला था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह प्रार्थना स्थल के अंदर बड़ा धमाका करने की योजना बना रहा था।
घटना के बाद पुलिस ने हमलावर की कार की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है। हालांकि फायरिंग की इस घटना में प्रार्थना स्थल के स्टाफ या अन्य लोगों के घायल होने की कोई खबर नहीं है। सिर्फ सुरक्षा गार्ड को टक्कर लगने से चोट आई है।
बताया जा रहा है कि जिस सिनागॉग परिसर में हमला हुआ, वहां टेंपल इजरायल अर्ली चाइल्डहुड सेंटर, किंडरगार्टन, प्री-स्कूल और डेकेयर भी संचालित होते हैं। वर्ष 1941 में स्थापित इस धार्मिक परिसर से करीब 3500 परिवार और लगभग 12 हजार लोग जुड़े हुए हैं।
ऑकलैंड काउंटी के शेरिफ माइक बाउचार्ड ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जानकारी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई को दे दी गई है। अधिकारियों को हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना के बाद ज्यूइश फेडरेशन ऑफ डेट्रॉइट ने सुरक्षा के मद्देनज़र टेंपल इजरायल और उससे जुड़े संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर लॉकडाउन घोषित कर दिया है। बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया।
वहीं ब्लूमफील्ड टाउनशिप पुलिस डिपार्टमेंट ने आसपास के स्कूलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


