• Fri. Jul 30th, 2021

The Voice of Bihar-VOB

खबर वही जो है सही

ATS और NIA की टीम ने अरमान को छपरा से दबोचा, क्या बिहार का भी है आतंकवाद से कनेक्शन

ByRajkumar Raju

Jul 22, 2021 ,

एटीएस और एनआईए ने बिहार से जुड़े आतंकी कनेक्शन का बड़ा खुलासा किया है. एटीएस और एनआईए ने बिहार के छपरा जिले से 20 साल के एक शख्स अरमान अली उर्फ अरमान मंसूरी को दबोचा है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करता था. यह वही छपरा जिला है, जहां से कुछ ही दिन पहले एक और युवक को अरेस्ट किया गया था, जो आतंकियों को हथियार मुहैया कराता था. अरमान की गिरफ़्तारी के बाद कई सारे सवाल उठने लगे हैं.

गुरूवार को एटीएस और एनआइए की टीम ने छपरा जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के देव बहुआरा पट्टी गांव में छापेमारी की और नईमुद्दीन अंसारी के 20 साल के बेटे अरमान अली उर्फ अरमान मंसूरी धर दबोचा. जांच एजेंसियां अरमान मंसूरी से सघन पूछताछ कर रही है. सूत्रों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक अरमान ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां टीम के साथ साझा की है. हालांकि अभी टीम कुछ भी बताने से परहेज कर रही है.

टीम ने अरमान अली उर्फ अरमान मंसूरी के अलावा गुड्डू अली नाम के एक अन्य शख्स को जम्मू से दबोचा है. आतंकियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में इसे भी अरेस्ट किया गया है. गौरतलब हो कि कुछ ही दिन पहले 16 फरवरी को एटीएस की टीम ने 25 साल के मो० जावेद नाम के युवक को छपरा जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के देव बहुआरा से गिरफ्तार किया था. मो० जावेदरिटायर शिक्षक महफूज अंसारी का बेटा है.

मो० जावेद की गिरफ्तारी बिहार से आतंकियों को पिस्टल सप्लाई करने के मामले में हुई थी. पुलिसिया पूछताछ के दौरान जावेद ने बताया था कि दो महीने पहले पूर्व उसने 20 साल के अरमान को एक बैग संभावित ठिकाने पर पहुंचाने के लिए दिया था. इसके बाद एनआइए और एटीएस की टीम अरमान की तलाश में जुट गई. बताया जाता है कि अरमान को इस बाबत गवाही देने के लिए जम्मू-कश्मीर कोर्ट से नोटिस भेजा गया था.अरमान उस नोटिस के एवज में गवाही देने के लिए नहीं पहुंचा. इसके बाद एनआइए व एटीएस की टीम अरमान को गिरफ्तार करने के लिए मढ़ौरा थाना क्षेत्र के देव बहुआरा पट्टी गांव पहुंची.

गिरफ्तारी के बाद अरमान ने खुलासा किया और पुलिस को बताया कि उसे जावेद ने एक बैग दिया था. जिसे बताए गए पते पर उसे पहुंचा देना था. इसके एवज में उसे दस हजार रुपये भी मिले थे. उसने बताया कि बैग में क्या था, इसकी जानकारी उसे नहीं है. बैग पहुंचाने के दौरान उसने खोल कर नहीं देखा था. एटीएस की टीम गिरफ्तार अरमान से अन्य कई बिंदुओं पर भी सघन पूछताछ कर रही है.

जावेद की गिरफ्तारी के बाद मीडिया में ये ख़बरें आई थीं कि जावेद की दोस्ती अलीगढ़ के एक कॉलेज में कथित आतंकी कनेक्शन वाले कश्मीर के मुश्ताक नामक एक युवक से हुई थी. कथित तौर पर जावेद ने ही सारण से करीब 7 पिस्टल मुश्ताक को मुहैया कराई थी. मुश्ताक ने पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले हिदायतुल्लाह को पिस्तौलें सौप दीं. इस बात की भनक लगते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने जावेद को उसके घर से दबोच लिया था.

जावेद की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव के मुखिया और अन्य ग्रामीणों ने बताया था कि जावेद पहले कहीं बाहर रहकर पढ़ाई करता था. इधर करीब एक मामहीने से वो घर पर ही रह रहा था. वह घर से बहुत कम ही बाहर निकलता था और घर वाले उसके बीमार रहने की बात बताते थे. जावेद कुल पांच भाई और एक बहन है.

आपको बता दें कि इधर अरमान के परिवार वालों से भी एटीएस की टीम तफ्तीश कर रही है. उधर दूसरी ओर अरमान की गिरफ्तारी के बाद गांव में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. आतंकी कनेक्शन को लेकर लोग काफी सकते में भी हैं. गौरतलब हो कि अरमान को लेकर देव बहुआरा पट्टी गांव के आतंकी कनेक्शन मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.