आज देश पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के तहत अटल जी के जीवन और योगदान पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
बीजेपी नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बिहार के विकास को लेकर चिंतित रहते थे अटल जी
इस मौके पर बीजेपी नेता और बाल संरक्षण आयोग के सदस्य राकेश कुमार सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी को बिहार के विकास की गहरी चिंता थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में जिन योजनाओं की शुरुआत की, वे आज धरातल पर दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने की योजना अटल जी के समय में शुरू हुई थी। कोसी नदी के प्रकोप से होने वाले पलायन की समस्या को देखते हुए आज कोसी-मेची योजना की शुरुआत उसी सोच का परिणाम है।
‘महामानव थे अटल बिहारी वाजपेयी’
कोसी क्षेत्र से आने वाले बीजेपी नेता श्रीराम चौधरी ने अटल बिहारी वाजपेयी को महामानव बताते हुए कहा कि उन्हीं की बदौलत आज भारतीय जनता पार्टी शिखर पर है। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी अटल जी के बताए सिद्धांतों और विचारों पर आगे बढ़ रही है। बिहार को विकास के पथ पर लाने में अटल बिहारी वाजपेयी का अहम योगदान रहा है।
खुद को पहले ‘बिहारी’ कहते थे अटल जी
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बिहार से गहरा लगाव रहा है। वे खुद को पहले ‘बिहारी’ और फिर अटल कहते थे। बिहार के बक्सर से चुनावी प्रचार की शुरुआत करना उन्हें प्रिय था। भगवान राम की धरती से अभियान शुरू करना उनके लिए विशेष महत्व रखता था। बिहार के विकास और नदियों को जोड़ने की उनकी सोच आज कोसी-मेची परियोजना के रूप में साकार हो रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक सफर
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वे देश के 10वें प्रधानमंत्री बने और तीन बार इस पद पर रहे।
- पहली बार: 16 मई 1996 से 1 जून 1996
- दूसरी बार: 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999
- तीसरी बार: 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004
उनके कार्यकाल में ही 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में परमाणु परीक्षण हुआ और 1999 में भारत ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की। अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ था।


